“आसनसोल में अतिक्रमण पर बुलडोजर एक्शन से हड़कंप, मंत्री अग्निमित्रा पाल ने 3 अधिकारियों को भेजा कारण बताओ नोटिस”
“मुख्यमंत्री के आदेश की अनदेखी पर कार्रवाई, छठ पूजा तक हॉकरों को नहीं हटाया जाएगा”
आसनसोल, 11 जुलाई 2026। आसनसोल बाजार क्षेत्र में शुक्रवार को अचानक हुए अतिक्रमण विरोधी अभियान ने विवाद खड़ा कर दिया। आसनसोल नगर निगम के तीन अधिकारियों की अगुवाई में राहा लेन से गिरजा मोड़ तक बुलडोजर चलाकर कई दुकानें तोड़ दी गईं। बिना नोटिस के हुई इस कार्रवाई से दुकानदारों में भारी नाराजगी फैल गई।
हॉकरों के तीव्र विरोध और आसनसोल उत्तर के विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी के हस्तक्षेप के बाद अभियान को बीच में ही रोकना पड़ा।
मंत्री अग्निमित्रा पाल ने ली बैठक, दिए सख्त निर्देश
शनिवार मंत्री अग्निमित्रा पाल आसनसोल नगर निगम पहुंचीं। उन्होंने निगम की एडमिनिस्ट्रेटर और अन्य अधिकारियों के साथ शहर की जाम और अतिक्रमण की समस्या पर लंबी बैठक की।
बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री ने कहा,
“9 तारीख को मैंने जनता की समस्याएं सुनी थीं और उनके समाधान के निर्देश दिए थे। उसी दिन मुख्यमंत्री ने भी स्पष्ट किया था कि दुर्गा पूजा तक किसी भी हॉकर को नहीं हटाया जाएगा। आसनसोल में छठ पूजा बड़ी धूमधाम से होती है, इसलिए यहां छठ तक भी कोई कार्रवाई नहीं होगी।”
3 अधिकारियों पर गिरी गाज
मंत्री ने कल की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि निगम के तीन अधिकारियों ने कमिश्नर, एडमिनिस्ट्रेटर या उनसे बिना पूछे अचानक बुलडोजर चला दिया।
“मैं यह नहीं कह रही कि उन्होंने जानबूझकर किया, लेकिन यह निश्चित रूप से गलतफहमी और आदेशों की अवहेलना है। इसलिए तीनों अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अगर संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो उन्हें सस्पेंड किया जाएगा।”
उन्होंने साफ किया कि 40-50 सालों से बाजार में बैठे हॉकरों पर अभी कोई कार्रवाई नहीं होगी। हालांकि रास्ते के किनारे अवैध रूप से लगाई गई एक-दो दुकानों को हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा।
हॉकरों के लिए बनेगी अलग टाउनशिप
मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य भर में हॉकरों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आसनसोल के लिए भी एक अलग टाउनशिप बनाने की योजना है। इसके लिए डीएम को जगह चिन्हित करने और नगर निगम की एडमिनिस्ट्रेटर को DPR तैयार करने का निर्देश दिया गया है।
हॉकर यूनियन के प्रतिनिधियों ने आज मंत्री से मुलाकात कर अपनी नाराजगी जताई। मंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि अब से कोई भी कार्रवाई नियमों के तहत और तय समय-सीमा के बाद ही होगी।















