“दामोदर का रौद्र रूप: तेज बहाव में बहे ईश्वरदा-केसरकुरी के बांस पुल, शमडीही में दो गांवों का संपर्क टूटा”
आसनसोल । पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण दामोदर नदी उफान पर है। नदी के बढ़ते जलस्तर और तेज धारा ने बुधवार को बड़ा नुकसान पहुंचाया। शमडीही के पास ईश्वरदा और केसरकुरी फेरी घाट को जोड़ने वाले दो अस्थायी बांस पुल तेज बहाव में बह गए।
कुछ ही मिनटों में पानी में समाए पुल
स्थानीय लोगों के मुताबिक, दामोदर का पानी बुधवार सुबह से तेजी से बढ़ रहा था। दोपहर होते-होते पुल कांपने लगे और देखते ही देखते तेज लहरों में बह गए। ईश्वरदा घाट से सामने आए वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे कुछ पलों में पूरा पुल पानी में समा गया।
आवागमन ठप, लोगों की बढ़ी मुश्किले
दोनों पुलों के बह जाने से ईश्वरदा और केसरकुरी के बीच सीधा संपर्क टूट गया है। इसका असर सीधे ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ा है।
– स्कूली बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कत
– रोज कमाने-खाने वाले लोगों का काम प्रभावित
– बीमार और बुजुर्गों के लिए अस्पताल पहुंचना मुश्किल
– आपातकालीन सेवाओं को भी पहुंचने में परेशानी
अब लोगों को 8-10 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाकर दूसरे रास्तों से आना-जाना पड़ रहा है।
समिति ने की वैकल्पिक व्यवस्था की मांग
दामोदर बिहारीनाथ सेतु बंधन समिति के महासचिव चंदन मिश्रा ने कहा, “तेज बहाव के कारण दोनों अस्थायी पुल पूरी तरह बह चुके हैं। प्रशासन से तुरंत वैकल्पिक नाव या अस्थायी पुल की व्यवस्था की मांग करते हैं, वरना लोगों को भारी परेशानी होगी।”
खतरा अभी टला नहीं
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में और बारिश की संभावना जताई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर जलस्तर और बढ़ा तो नदी किनारे बसे गांवों के लिए खतरा बढ़ सकता है। प्रशासन किसी भी समय अलर्ट जारी कर सकता है।
बड़ा सवाल
हर मानसून में अस्थायी पुलों के बहने की यह घटना दोहराई जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक दामोदर पर स्थायी पुल नहीं बनता, तब तक हर साल संपर्क टूटने और परेशानी का सिलसिला जारी रहेगा।















