Shilpanchal Today

Latest News in Hindi

ECL का मिशन 81 मिलियन टन: घाटे से उबरकर मुनाफे की पटरी पर लौटी कंपनी, 2034 तक का मेगा प्लान तैयार

सांकतोड़िया, आसनसोल। ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) ने अपने भविष्य का सबसे बड़ा रोडमैप पेश कर दिया है। कंपनी ने 2034-35 तक 81 मिलियन टन कोयला उत्पादन का महात्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। सांकतोड़िया मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में ECL के CMD सतीश झा ने कंपनी की नई रणनीति और वित्तीय स्थिति का खुलासा किया।

रिकॉर्ड उत्पादन के बाद भी 1257 करोड़ का घाटा

CMD ने बताया कि ECL ने वित्त वर्ष 2025-26 में 52.085 मिलियन टन का रिकॉर्ड उत्पादन* किया है, जो कंपनी के इतिहास में सबसे ज्यादा है। लेकिन खुशी के साथ चिंता भी है, कंपनी को इस दौरान करीब 1257 करोड़ रुपये का घाटा भी हुआ। हालांकि राहत की बात यह है कि 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में कंपनी ने PBT (कर-पूर्व लाभ) कमा कर वापसी के संकेत दे दिए हैं।

57 खदानें घाटे में, अब होगा कायाकल्प

अभी ECL की कुल 77 खदानों में से 57 घाटे में और सिर्फ 20 मुनाफे में चल रही हैं। इसे सुधारने के लिए ECL ने खदान-वार मास्टर प्लान बनाया है:

– 19 खदानों में: Mass Production Technology लगेगी
– 7 खदानों का: आपस में विलय (Amalgamation) किया जाएगा
– 4 खदानों में: HOE Contract मॉडल लागू होगा
– 11 खदानों को: रणनीतिक रूप से बंद किया जाएगा
– बाकी खदानों में लागत में कटौती और काम में तेजी लाई जाएगी

रानीगंज के लोगों के लिए 2661 करोड़ का पैकेज

रानीगंज मास्टर प्लान पर भी CMD ने बड़ा अपडेट दिया। रानीगंज पुनर्वास योजना-2009 के तहत 138 खतरनाक स्थलों को चिन्हित किया गया है। प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए 2661 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जिससे पात्र लोगों को मुआवजा और नया घर मिलेगा।

बिजली चोरी से हर साल 250 करोड़ का झटका

ECL के लिए अवैध कोयला खनन ही नहीं, बिजली चोरी भी सिरदर्द बनी है। कंपनी का सालाना बिजली बिल 550 करोड़ है, जिसमें से करीब 250 करोड़ रुपये सिर्फ बिजली चोरी और पिलफरेज में चला जाता है।

वहीं अवैध रैट-होल माइनिंग पर CMD ने कहा कि जिला प्रशासन के सहयोग से इस पर 99% लगाम लगा दी गई है। अब ड्रोन से निगरानी, ICCC कंट्रोल रूम और CISF की तैनाती से अवैध खनन को पूरी तरह खत्म किया जाएगा।

CMD सतीश झा ने कहा कि ECL अब सिर्फ कोयला नहीं निकालेगी, बल्कि वैज्ञानिक और पर्यावरण-अनुकूल खनन पर जोर देगी।

 

 

  

        

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *