कुल्टी के औद्योगिक भविष्य पर बड़ी रिपोर्ट: बंद नहीं हुआ है SAIL Growth Works, 2026 के टेंडरों ने खोली पूरी हकीकत
कुल्टी । पश्चिम बर्दवान के कुल्टी को सिर्फ एक शहर कहना गलत होगा, यह बंगाल के औद्योगिक इतिहास की धड़कन रहा है। कभी कुल्टी के कारखानों की गूंज से पूरे इलाके में रोजगार और व्यापार चलता था। इसी विरासत का सबसे बड़ा प्रतीक है SAIL Growth Works, Kulti (SGW)।
लेकिन पिछले कुछ समय से लोगों के मन में एक ही सवाल है – कुल्टी की हजारों एकड़ में फैली SAIL की इस बेशकीमती औद्योगिक जमीन का हो क्या रहा है? क्या कारखाना बंद होने की कगार पर है या फिर अंदर ही अंदर भविष्य की कोई बड़ी तैयारी चल रही है?
शिल्पांचल टुडे की पड़ताल में सामने आए 2026 के ताजा टेंडर
हमारी टीम ने जब SAIL के आधिकारिक टेंडर पोर्टल और दस्तावेजों की पड़ताल की तो कहानी कुछ और ही निकली। SGW कुल्टी में सन्नाटा नहीं, बल्कि काम जारी है।
1 सितंबर 2026 को ही SAIL ने SGW Kulti Works और SGW Township के लिए Civil Jobs के Rate Contract का बड़ा टेंडर जारी किया है, जिसकी अंतिम तिथि 16 सितंबर 2026 है। इसका सीधा मतलब है कि कंपनी अपने पूरे परिसर, कॉलोनी और इंफ्रास्ट्रक्चर के मेंटेनेंस पर अभी भी पैसा खर्च कर रही है।
इतना ही नहीं, 2026 में ही यहां –
– 20 टन के Double Girder EOT Crane को बदलने का टेंडर,
– मशीन शॉप ऑपरेशन और औद्योगिक उपकरणों से जुड़े टेंडर,
– और 28 Clerical / Supervisory कर्मचारियों की तैनाती के लिए मैनपावर टेंडर भी जारी हुए हैं।
ये दस्तावेज साफ गवाही दे रहे हैं कि SAIL ने कुल्टी को पूरी तरह से नहीं छोड़ा है।
असली सवाल – जमीन का कितना हो रहा है इस्तेमाल?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि कुल्टी में SAIL के पास कुल कितनी औद्योगिक जमीन है और उसका कितना हिस्सा आज एक्टिव है?
– कितनी जमीन पर अभी भी वर्कशॉप, फाउंड्री और मशीन शॉप चल रहे हैं?
– कितना हिस्सा पुरानी बिल्डिंगों और बंद पड़े शेड के रूप में है?
– और कितनी जमीन ऐसी है जहां कल नया कारखाना, लॉजिस्टिक हब या आधुनिक प्रोजेक्ट लग सकता है?
इन सवालों का सटीक जवाब SAIL के लैंड ऑडिट और आधिकारिक घोषणा से ही मिलेगा, लेकिन इतना तय है कि कुल्टी का ढांचा आज भी बेकार नहीं है।
क्या बदलेगी कुल्टी की किस्मत?
देशभर में अब पुराने औद्योगिक परिसरों को Modern Production, Green Energy, Logistics Park और Value-Added Manufacturing* में बदला जा रहा है। ऐसे में कुल्टी की यह जमीन सोने की खान बन सकती है।
अगर यहां आधुनिकीकरण होता है या कोई नया प्रोजेक्ट आता है, तो इसका फायदा सिर्फ SAIL को नहीं, बल्कि कुल्टी के हजारों युवाओं, लोकल कॉन्ट्रैक्टर्स, ट्रांसपोर्टरों, छोटे दुकानदारों और सप्लायर्स को मिलेगा। कुल्टी का सवाल सिर्फ जमीन का नहीं, रोजगार का सवाल है।
फिलहाल 2026 के टेंडर रिकॉर्ड एक बात तो साफ कर रहे हैं – SAIL Growth Works, Kulti बंद नहीं हुआ है, वह मेंटेन मोड में है।
अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह मेंटेनेंस सिर्फ पुरानी विरासत को बचाने के लिए है, या यह कुल्टी के नए औद्योगिक अध्याय की शुरुआत है?
क्या SAIL कुल्टी को एक आधुनिक इंडस्ट्रियल हब बनाएगा? जवाब का इंतजार पूरे शिल्पांचल को है।














