आस्था के महापर्व छठ को लेकर कल्ला प्रभु छठ घाट पर तैयारियां जोरों पर, घाट की सफाई युद्ध स्तर पर जारी
आसनसोल । आस्था के महापर्व छठ पूजा की पावन घड़ी जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे कल्ला प्रभु छठ घाट पर तैयारियां भी रफ्तार पकड़ चुकी हैं। पूरा घाट श्रद्धा, सेवा और समर्पण की भावना से गूंज रहा है। घाट की सफाई कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है न केवल घाट परिसर बल्कि नदी की सफाई भी विशेष रूप से की जा रही है, ताकि व्रती एवं श्रद्धालु स्वच्छ और पवित्र वातावरण में पूजा-अर्चना कर सकें।
शुक्रवार को ली क्लब के सचिव कृष्णा प्रसाद कल्ला प्रभु छठ घाट की हो रहे साफ सफाई का जायजा लेने पहुंचे। सनद रहे कि कल्ला प्रभु छठ घाट की पूरी व्यवस्था ली क्लब के सचिव कृष्णा प्रसाद के सौजन्य से की जाती है। एक रुपया कही से चंदा नहीं लिया जाता है। पूरी साफ सफाई, घाट को मनोरम सुंदर साज सज्जा, लाइटिंग सहित सभी व्यवस्था कृष्णा प्रसाद के द्वारा की जाती है। घाट की जायजा लेने के बाद कृष्णा प्रसाद ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि
छठ पूजा, सूर्य उपासना का अनुपम पर्व है, जहां सूर्य देव और छठी मैया की पूजा विधिवत की जाती है। यह पर्व न केवल शुद्धता और संयम का प्रतीक है, बल्कि नारी शक्ति, प्राकृतिक संतुलन और आस्था की पराकाष्ठा को भी दर्शाता है। व्रती कठोर नियमों का पालन करते हुए, चार दिन तक पूजा करते हैं और सूर्यास्त और सूर्योदय को अर्घ्य अर्पित करते हैं।
कल्ला प्रभु छठ घाट पर इस बार विशेष सजावट की जा रही है। घाट को आकर्षक लाइटिंग से सजाया जा रहा है, जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए जा रहे हैं और स्वयंसेवक दल पूरी तत्परता से श्रद्धालुओं की सेवा में लगे हुए हैं। स्थानीय प्रशासन के सहयोग से सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। पीने के पानी, प्राथमिक उपचार और आपातकालीन सहायता के लिए अस्थायी शिविर भी बनाए जा रहे हैं।
इस बार का छठ पर्व न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि यह सामूहिक एकता, स्वच्छता और श्रद्धा का संदेश भी है। इस बार का छठ पर्व न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि यह सामूहिक एकता, स्वच्छता और श्रद्धा का संदेश भी देगा। कल्ला प्रभु घाट पर उमड़ने वाली भीड़ इस बात की गवाही देगी कि छठ केवल एक पूजा नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक शैली है जिसमें त्याग, तपस्या और आस्था की पराकाष्ठा छुपी है।




















