आसनसोल चैंबर ऑफ कॉमर्स ने खोला मोर्चा: वार्ड 41 के पार्षद पर पत्नी के नाम टेंडर लेने का संगीन आरोप, नगर आयुक्त से भुगतान रोकने की मांग’
आसनसोल,21 मई 2026। आसनसोल नगर निगम के वार्ड 41 में भ्रष्टाचार का बड़ा आरोप लगा है। आसनसोल चैंबर ऑफ कॉमर्स के सचिव शंभू नाथ झा ने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर वार्ड 41 के पार्षद पर अपनी पत्नी के नाम पर काम का टेंडर लेने और फ्लैट निर्माण में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। चैंबर ने जांच पूरी होने तक वार्ड के सभी भुगतान रोकने की मांग की है।
20 मई को लिखा गया पत्र, 21 मई को नगर निगम में मिला:
चैंबर ऑफ कॉमर्स की ओर से 20 मई 2026 को भेजे गए पत्र Ref No: ACC/22-24/136 को नगर निगम ने 21 मई को प्राप्त किया। पत्र में कहा गया है कि चैंबर के सदस्य कैंप लगाकर जनता से टैक्स वसूलकर निगम में जमा करते हैं और जनता के पैसे का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
क्या हैं चैंबर के आरोप:
1. पत्नी के नाम टेंडर: वार्ड 41 के पार्षद, जो खुद को ईमानदार बताते हैं, ने अपनी पत्नी के नाम पर वर्क टेंडर हासिल किए हैं। चैंबर ने इसे ‘हितों के टकराव और भ्रष्टाचार का स्पष्ट संकेत’ बताया।
2. पांच साल में ‘जमकर उगाही’: पत्र में आरोप है कि पार्षद ने पिछले पांच सालों में वार्ड में जमकर उगाही की है।
3. फ्लैटों में घोटाला: वार्ड 41 में बने सभी आवासीय फ्लैटों की जांच की मांग की गई है। चैंबर का कहना है कि वाटर बोरिंग के लिए वसूली गई फीस नगर निगम में जमा हुई या नहीं, इसकी जांच हो। आरोप है कि अनगिनत भ्रष्टाचार के कारण जनता मूलभूत सेवाओं से वंचित है।
चैंबर की दो टूक मांग:
आयुक्त को लिखे पत्र में शंभू नाथ झा ने मांग की है कि जब तक वार्ड 41 की गहन जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी तरह का भुगतान जारी न किया जाए। साथ ही पत्नी के नाम पर लिए गए काम का भुगतान किसी भी हाल में रोक दिया जाए।
‘जनता का पैसा लूटने नहीं देंगे’:
पत्र में कहा गया, “यह जनता का पैसा है। हम अपनी मेहनत से जुटाए गए फंड का दुरुपयोग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
फिलहाल नगर निगम आयुक्त कार्यालय या वार्ड 41 के पार्षद की ओर से इस पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। चैंबर ऑफ कॉमर्स के इस कदम के बाद नगर निगम की राजनीति गरमा गई है।














