‘कुल्टी-बाराबनी में रिकॉर्ड वोटिंग से बढ़ी सियासी हलचल: 91% मतदान के बाद EVM में कैद हुई किस्मत, 4 मई को खुलेगा ‘सत्ता का ताला”
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आसनसोल । पश्चिम बंगाल के कुल्टी और बाराबनी विधानसभा क्षेत्रों में पहले चरण का चुनाव रिकॉर्ड मतदान के साथ संपन्न हो गया। कुल्टी में 89.92% और बाराबनी में 91.05% वोटिंग ने सभी सियासी दलों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। अब 4 मई को मतगणना तक सभी EVM आसनसोल इंजीनियरिंग कॉलेज के स्ट्रॉन्ग रूम में तीन लेयर की सुरक्षा में सील हैं।
कुल्टी: ‘सम्मान, बदला और वर्चस्व’ की लड़ाई
2021 में भाजपा के डॉ अजय पोद्दार ने यहां तृणमूल के दिग्गज उज्ज्वल चटर्जी को सिर्फ 679 वोटों से हराकर सबको चौंका दिया था। इस बार TMC ने सीट वापस लेने के लिए मंत्री मलय घटक के भाई और आसनसोल के डिप्टी मेयर अभिजीत घटक को उतारा है।
बीजेपी के लिए ये सीट साख का सवाल है, तो TMC के लिए प्रतिष्ठा की वापसी। 89.92% वोटिंग ने इस लड़ाई को और रोचक बना दिया है।
बाराबनी: क्या 23 हजार का अंतर टूटेगा?
2021 में TMC के बिधान उपाध्याय ने भाजपा के अरिजीत रॉय को 23,457 वोटों के बड़े अंतर से हराया था। सवाल ये है कि क्या इस बार भी ‘बिधान का विधान’ चलेगा या 91.05% वोटिंग कोई नया समीकरण बनाएगी?
स्थानीय लोगों का कहना है कि बूथों पर लंबी कतारें बदलाव का संकेत भी हो सकती हैं और सत्ता के समर्थन का भी।
EVM के साथ कैद हुआ नेताओं का भविष्य
मतदान के बाद सभी मशीनों को केंद्रीय बलों, CCTV और वीडियोग्राफी की निगरानी में सील कर दिया गया है। बाहरी घेरे में राज्य पुलिस, बीच में CRPF का पहरा है। सभी दलों के एजेंट स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर 24×7 ‘जागरण’ कर रहे हैं।
विश्लेषक बोले: ‘बंपर वोटिंग का मतलब है लड़ाई थी’
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक 90% के करीब मतदान बताता है कि मुकाबला कांटे का था। “इतनी वोटिंग तब होती है जब जनता बदलाव चाहती है या सरकार बचाना चाहती है। 4 मई को साफ हो जाएगा कि हवा किस तरफ थी।”
अब पूरे आसनसोल औद्योगिक क्षेत्र की नजर 4 मई पर टिकी है। उसी दिन खुलेगा ‘लोहे की तिजोरी का ताला’ और पता चलेगा कि जनता ने किसे ताज पहनाया और किसके अरमानों पर पानी फिरा।












