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“विपक्षी गठबंधन नारी विरोधी, सिर्फ अपने घर की महिलाओं को आगे बढ़ाना चाहता है” – आशा शर्मा

आसनसोल । नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर सियासत तेज हो गई है। आसनसोल भाजपा जिला उपाध्यक्ष आशा शर्मा ने विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा—“मैं बता देना चाहती हूँ कि जितने भी ‘हिंदी जोड़’ गठबंधन के दल हैं, वो नारी विरोधी सरकार हैं। वो चाहते हैं सिर्फ उनके घर की नारियां आगे बढ़ें और सत्ता में बनी रहें।”

“बिल साधारण महिलाओं के लिए था”: “ये बिल उन महिलाओं के लिए था, साधारण महिलाओं, मध्यम वर्ग की महिलाओं के लिए जो सपना देखती हैं कि हम भी भारत सरकार के निर्णयों में निर्णायक बनें। पंचायत से लेकर पार्लियामेंट तक हमारी महिलाओं की भागीदारी हो।”

“आरक्षण से मिलती निर्णायक भूमिका”: “पहले हमारी महिलाएं हर सरकार के डिसीजन में सपोर्ट करती थीं। लेकिन इस बिल से फायदा होता कि हमारी महिलाओं को आरक्षण प्राप्त होता। वो विधानसभा, लोकसभा में जाकर भारत के विकास और निर्णयों में निर्णायक सिद्ध होतीं।”

विपक्ष पर आरोप: “लेकिन ये विरोधी सरकार—चाहे टीएमसी हो, कांग्रेस हो—सभी ने इसका विरोध किया और पारित नहीं होने दिया। जबकि 2023 में राज्यसभा-लोकसभा दोनों सदनों में सर्वसम्मति से सभी विपक्षियों ने पारित करवाया था। अचानक ये काला खेल महिला विरोधी सरकार ने किया।”

“आधी आबादी माफ नहीं करेगी”: “ये अपमान सिर्फ कुछ महिलाओं का नहीं, आधी आबादी का है। हमारे देश की आधी आबादी, हमारी महिला के सम्मान को ठेस पहुंचाई गई। भारत की आधी आबादी इस महिला विरोधी सरकार को कभी माफ नहीं करेगी।”

पीएम मोदी पर भरोसा: “लेकिन मुझे पूर्ण विश्वास है हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी पर कि वो बिल जरूर लाएंगे। हम महिलाओं को सशक्त बनाएंगे और पंचायत से लेकर पार्लियामेंट तक सभी महिलाओं की भूमिका निर्णय से निर्णायक तक सिद्ध होगी।”

गौरतलब है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 में संसद के दोनों सदनों से पारित हो चुका है। सरकार का कहना है कि परिसीमन के बाद इसे लागू किया जाएगा। विपक्ष का आरोप है कि सरकार इसे टाल रही है।

 

  

        

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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