“बीड़ी पीकर प्लास्टिक का ढक्कन जलाया, ट्रेन से कूदा: RPF ने गेट एनालिसिस से 8 दिन में दबोचा आरोपी”
कोलकाता, 4 जुलाई 2026। पूर्व रेलवे के रेलवे सुरक्षा बल RPF ने दिव्यांगजन कोच में आग लगने की गुत्थी सुलझा ली है। 21 जून को बरहरवा-आजिमगंज पैसेंजर में लगी आग के पीछे बीड़ी पीने की लापरवाही निकली। आरोपी को RPF ने सीसीटीवी के ‘गेट एनालिसिस’ से पकड़कर जेल भेज दिया।
प्लेटफॉर्म छोड़ते ही लगी आग, मची अफरा-तफरी
21 जून 2026 की दोपहर ट्रेन संख्या 53434 डाउन बरहरवा स्टेशन से रवाना हुई ही थी कि इंजन के पीछे वाले दिव्यांगजन कोच के शौचालय से धुआं उठने लगा। चेन खींचे जाने से ट्रेन रुकी तो यात्रियों में भगदड़ मच गई। RPF कांस्टेबल मृत्युंजय कुमार, उपनिरीक्षक लाल बहादुर माझी और कांस्टेबल अनिल कुमार मौके पर पहुंचे। देखा तो पश्चिमी कमोड का फाइबर ढक्कन फर्श पर जल रहा था। न कोई कागज, न कपड़ा, न पेट्रोल की गंध। आरोपी फरार हो चुका था।
गेट एनालिसिस से पकड़ा गया आरोपी
RPF पोस्ट बरहरवा ने रेलवे अधिनियम की धारा 153 में केस दर्ज किया। इसके बाद टीम ने बरहरवा और साहिबगंज स्टेशन के CCTV फुटेज खंगाले। संदिग्ध ट्रेन में चढ़ते तो साफ नहीं दिखा, लेकिन उसके कपड़ों के रंग और चलने की खास शैली से RPF ने उसकी पहचान शुरू की।
पूर्व रेलवे GM श्री मिलिंद देऊस्कर के मार्गदर्शन में खुफिया सूचना के आधार पर जाल बिछाया गया। 29 जून को वही शख्स साहिबगंज स्टेशन पर उसी ट्रेन में मिला और गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में उगला सच
पकड़े जाने पर आरोपी ने कबूल किया कि उसने कोच के टॉयलेट में बीड़ी पी थी। बीड़ी बुझाने के लिए उसने उसे प्लास्टिक के ढक्कन पर रगड़ा, जिससे ढक्कन में आग लग गई। घबराकर वह धीमी ट्रेन से कूदकर भाग गया था।
आरोपी को साहिबगंज के रेलवे न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उसे 24 जुलाई 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
RPF की सराहना, यात्रियों से अपील
पूर्व रेलवे के IG-सह-प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त श्री अमियानंदन सिन्हा ने बरहरवा RPF टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि टीम ने CCTV गेट एनालिसिस और खुफिया जानकारी से कुछ ही दिन में आरोपी को पकड़कर यात्रियों और रेल संपत्ति को खतरे में डालने वाले इस कृत्य को दंडित कराया।
पूर्व रेलवे के CPRO शिबराम माझि ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और रेल संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर जीरो टॉलरेंस है। ट्रेन में धूम्रपान पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके खतरनाक परिणाम हो सकते हैं। यात्रियों से अपील है कि सुरक्षा नियमों का पालन करें और कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत RPF या ट्रेन स्टाफ को बताएं।















