“बैंगलोर में गर्भपात का खतरा, आसनसोल के डॉ जयशंकर साहा ने 4 महीने संभालकर कराया स्वस्थ बच्चे का जन्म”
आसनसोल । लंबे समय के बाद मां बनी एक महिला के लिए 5वें महीने में शुरू हुए लेबर पेन ने मुश्किलें बढ़ा दी थी। बैंगलोर के डॉक्टरों ने गर्भपात की आशंका जताई थी, लेकिन आसनसोल के डॉ जयशंकर साहा की विशेष निगरानी और इलाज से महिला ने 9 महीने पूरे कर 2.7 किलो के स्वस्थ बेटे को जन्म दिया।
क्या था पूरा मामला
मरीज का नाम गोपनीय रखा गया है। वह बैंगलोर के एक निजी अस्पताल में नियमित जांच करवा रही थी। 5 महीने की गर्भावस्था में अचानक लेबर पेन शुरू हो गया। जांच में पता चला कि गर्भाशय का मुंह पूरी तरह खुला हुआ है और झिल्ली बाहर निकल रही है। बैंगलोर के डॉक्टर ने बताया कि इलाज के बावजूद गर्भपात हो सकता है।
आसनसोल में मिली नई उम्मीद
एक दोस्त की सलाह पर महिला बैंगलोर से आसनसोल इलाज के लिए आईं। यहां डॉ जयशंकर साहा ने तुरंत USG करवाई। रिपोर्ट में स्थिति गंभीर थी। लेकिन महिला लंबे समय से बांझपन का इलाज करवा रही थी, इसलिए डॉक्टर ने गर्भ को बचाने का फैसला किया।
डॉ जयशंकर साहा ने बताया, “गर्भाशय का मुंह खुला होने के बावजूद हमने 4 महीने तक विशेष तरीके से इलाज किया। समय-समय पर USG से निगरानी की गई।”
सिजेरियन से हुआ स्वस्थ बच्चे का जन्म
9 महीने पूरे होने और बच्चे के पूरी तरह परिपक्व होने की पुष्टि के बाद 2 दिन पहले सिजेरियन ऑपरेशन कर 2.7 किलो के स्वस्थ बेटे को जन्म दिलाया गया।
अब मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। मरीज और उसका परिवार इस सफल इलाज से बहुत खुश हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह के जटिल केस में धैर्य और लगातार निगरानी से ही सफलता मिलती है।















