“राइफल थामकर मंत्री अग्निमित्रा पाल का बेटियों को संदेश: डरो मत, आत्मनिर्भर और निडर बनो”
“महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल: मंत्री अग्निमित्रा पाल ने पहली बार चलाई राइफल”
आसनसोल। महिला सशक्तिकरण को एक नई ऊंचाई देते हुए पश्चिम बंगाल सरकार की मंत्री अग्निमित्रा पाल रविवार को आसनसोल राइफल क्लब पहुंचीं। यहां उन्होंने न सिर्फ क्लब का जायजा लिया, बल्कि पहली बार खुद राइफल हाथ में लेकर निशानेबाजी का प्रशिक्षण भी लिया।
मंत्री ने क्या सीखा
प्रशिक्षकों की निगरानी में मंत्री ने राइफल पकड़ने का सही तरीका, लक्ष्य साधने की तकनीक और सुरक्षित फायरिंग का अभ्यास किया।
प्रशिक्षण के बाद अग्निमित्रा पाल ने कहा, “पहले मुझे राइफल से डर लगता था। लेकिन आज का अनुभव बेहद खास और प्रेरणादायक रहा।”
कहां से मिली प्रेरणा
मंत्री ने बताया कि कोलकाता पुलिस की ‘दुर्गा वाहिनी’ की महिला जवानों और भारतीय सेना की महिला अधिकारियों के साहस को देखकर उन्हें प्रेरणा मिली। दुर्गा वाहिनी की महिलाएं राइफल के साथ बाइक और स्कूटी पर ड्यूटी करती हैं, यह देखकर वे प्रभावित हुईं।
बेटियों के लिए दिया बड़ा संदेश
इस मौके पर मंत्री ने युवतियों को आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा:
– “हर बेटी आत्मविश्वासी और निडर बने”
– “हर क्षेत्र में अपनी पहचान बनाए”
– “महिला सशक्तिकरण सिर्फ पढ़ाई-नौकरी तक सीमित नहीं है। आत्मरक्षा, अनुशासन और आत्मविश्वास भी उतने ही जरूरी हैं”
उन्होंने युवतियों से खेल, निशानेबाजी और फिटनेस में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। उनका कहना था कि इससे मानसिक और शारीरिक दोनों मजबूती मिलती है।

क्लब ने दी आधुनिक तकनीकों की जानकारी
राइफल क्लब के पदाधिकारियों ने मंत्री का स्वागत किया और उन्हें निशानेबाजी की आधुनिक तकनीकों के बारे में बताया।
मंत्री ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। आसनसोल राइफल क्लब में उनका यह दौरा सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि लाखों बेटियों के लिए निडर और आत्मनिर्भर बनने का संदेश था।















