धर्मतल्ला हिंसा पर CM शुभेंदु का बड़ा बयान: ’70 उपद्रवी चिन्हित, गुंडा दमन कानून से होगी कड़ी कार्रवाई
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा में शुक्रवार को धर्मतल्ला में हुई हिंसा और पत्रकारों पर हमले का मुद्दा जोर-शोर से उठा। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सदन में पूरे घटनाक्रम पर विस्तार से जानकारी देते हुए कई बड़े खुलासे किए।
“ये छात्र आंदोलन नहीं, सोची-समझी साजिश थी”
CM ने कहा कि “यूनाइटेड कॉकरोच मार्च” के नाम से शुरू हुए इस आंदोलन में पहले करीब 9000 लोग शामिल थे। लेकिन बाद में SFI, DYFI, AIDSO, AISF, PDSF जैसे वामपंथी छात्र संगठनों के लोग इसमें घुस गए और माहौल बिगाड़ने लगे।
उन्होंने कहा, “पुलिस को साफ निर्देश था कि जब तक स्थिति नियंत्रण से बाहर न हो, बल प्रयोग न हो। लेकिन डोरिना क्रॉसिंग पर उपद्रवियों ने पहले जूते-बोतल फेंके, फिर पत्रकारों को टारगेट किया। इनका मकसद था कि पुलिस लाठी चलाए और मामला और भड़के, लेकिन पुलिस ने इनकी साजिश को नाकाम कर दिया।”
6 पत्रकार घायल, 7 FIR दर्ज
CM ने सदन में घायल पत्रकारों के नाम भी पढ़े। दीपांकर दासगुप्ता, माखन पात्र, सुमन महापात्र, ऋक पुरकायस्थ, शिलादित्य कर और कृष्णेंदु मजुमदार का सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
घटना को लेकर हेयर स्ट्रीट और एंटली थाने में कुल 7 FIR दर्ज की गई हैं। इन FIR में गुंडा दमन कानून की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
70 उपद्रवी चिन्हित, 5 के नाम सार्वजनिक
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 70 उपद्रवियों को चिन्हित किया जा चुका है। इनमें से एक भी छात्र नहीं है और न ही ये ‘कॉकरोच पार्टी’ से जुड़े हैं।
उन्होंने 5 नाम सार्वजनिक किए:
अफरोज – राजाबागान, नाहिद – खिदिरपुर, तनवीर और निजाम – इकबालपुर, राहुल – जामताड़ा*
CM ने चेतावनी देते हुए कहा, “गुंडा दमन कानून के तहत ऐसी कार्रवाई होगी कि ये अपनी तीन पीढ़ियों तक याद रखेंगे।”
विधानसभा ने की निंदा
पत्रकारों पर हुए हमले की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरी विधानसभा इस हमले की कड़ी निंदा करती है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।















