“दुर्गापुर में उद्योगपतियों और सरकार आमने-सामने: 100 से ज्यादा उद्योगपति जुटे, मंत्री ने सुनी समस्याएं, ADDA की कार्यशैली पर उठे सवाल”
दुर्गापुर । आज दुर्गापुर के एक निजी होटल में जिले के औद्योगिक विकास को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन हुआ। बैठक रानीगंज इंडस्ट्रियल एंड ट्रेड एसोसिएशन – रीटा और SBFCI दुर्गापुर शाखा द्वारा संयुक्त रूप से की गई थी।
बैठक में जिले के 100 से अधिक बड़े उद्योगपति एक साथ जुटे। उद्योग जगत का इतना बड़ा जमावड़ा देखकर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री तपस रॉय काफी प्रभावित हुए।
कौन-कौन रहे मौजूद
बैठक की अध्यक्षता आर.पी. चौधरी ने की। इस दौरान मंच पर:
1. डॉ. अजय कुमार पोद्दार – लोक निर्माण एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री
2. तपस रॉय – उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री
3. मौमिता बिस्वास मिश्रा – उद्योग राज्य मंत्री
4. चंद्रशेखर बनर्जी – दुर्गापुर के विधायक
5. वंदना यादव – उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की मुख्य सचिव
के साथ-साथ उद्योग मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
उद्योगपतियों की समस्याएं सुनीं, जल्द समाधान का आश्वासन
बैठक में उद्योगपतियों ने जमीन, लाइसेंस और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी अपनी समस्याएं मंत्री के सामने रखीं। मंत्री तपस रॉय ने सभी की बातें बड़े ध्यान से सुनीं।
मुख्य सचिव वंदना यादव ने माना कि कई दिक्कतें हैं और जल्द ही इनका उचित समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
ADDA पर भड़के विधायक
बैठक में सबसे तीखी टिप्पणी विधायक चंद्रशेखर बनर्जी ने की। उन्होंने ADDA – आसनसोल दुर्गापुर विकास प्राधिकरण की कड़े शब्दों में आलोचना करते हुए कहा कि जिले में औद्योगिक प्रगति में सबसे बड़ी रुकावट ADDA के अधिकारियों का अड़ियल रवैया है।
इस पर मुख्य सचिव वंदना यादव ने सफाई देते हुए बताया कि ADDA द्वारा औद्योगिक विकास के लिए चिन्हित या WBDCI को सौंपी गई अधिकांश जमीनों के दस्तावेजों में गड़बड़ी है। इसी कारण वह जमीनें बड़े उद्योगों को नहीं दी जा पा रही हैं।
“एक-दो दशक में ऐसी बैठक नहीं हुई”
SBFCI के महासचिव जगदीश बागरी ने कहा कि पिछले एक से दो दशकों में उद्योग को लेकर इतनी उच्च स्तरीय बैठक कभी देखने को नहीं मिली। उद्योगपतियों को उम्मीद है कि इस बैठक के बाद जिले में निवेश और विकास की गति तेज होगी।















