अवैध कोयला खनन पर ED-पुलिस का डबल अटैक, ECL को होगा करोड़ों का फायदा, रानीगंज-आसनसोल बेल्ट में 3829 छापे
आसनसोल। पश्चिम बंगाल के कोयलांचल में कोयला माफियाओं की अब खैर नहीं है। अवैध खनन और कोयला तस्करी पर हुई ताबड़तोड़ कार्रवाई से Eastern Coalfields Limited (ECL) को बड़ी राहत मिली है। जो कोयला पहले चोरी होकर काला बाजार में चला जाता था, अब वही कोयला कंपनी के वैध खाते में आएगा, जिससे ECL के राजस्व में सीधा इजाफा होगा।
एक साल में 3829 छापे, 19 हजार टन कोयला जब्त
ECL की 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट ने काले कारोबार की पूरी पोल खोल दी है। रिपोर्ट के मुताबिक सिर्फ पश्चिम बंगाल में ही:
– 3,829 छापेमारी की गई
– 18,930 टन चोरी का कोयला जब्त किया गया
– 125 ट्रक और वाहन पकड़े गए
– 849 FIR दर्ज की गईं
ये आंकड़े बताते हैं कि कैसे ECL की लीज वाली जमीन से दिन-दहाड़े कोयला निकालकर बंगाल के विभिन्न जिलों की फैक्ट्रियों में खपाया जा रहा था। जनवरी 2026 में ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने भी अपनी जांच में इस बात का खुलासा किया था कि ECL के लीज एरिया से निकला कोयला सीधे औद्योगिक इकाइयों तक पहुंच रहा है।
ECL ने बिछाया हाईटेक जाल, अब चोरों की खैर नहीं
ECL अब सिर्फ पुलिस के भरोसे नहीं है। कंपनी ने चोरी रोकने के लिए हाईटेक हथियार तैनात कर दिए हैं:
– हर कोयला लदे ट्रक में GPS और VTMS ट्रैकिंग
– हर नाके पर CCTV, RFID और Boom Barrier
– जंगलों और बंद खदानों में ड्रोन से सर्विलांस
– ICCC कंट्रोल रूम से 24 घंटे निगरानी
तीन जगह होगा सीधा असर
इस कार्रवाई का असर सिर्फ ECL तक सीमित नहीं है:
1. ECL को फायदा: कोयला चोरी रुकेगी तो डिस्पैच और बिक्री बढ़ेगी, कंपनी घाटे से मुनाफे में आएगी।
2. सरकार को फायदा: अवैध कारोबार से जुड़े बड़े नेटवर्क और काले पैसे पर लगाम लगेगी।
3. आम लोगों को फायदा: अवैध रैट-होल माइनिंग से होने वाले जानलेवा हादसे और पर्यावरण बर्बादी रुकेगी।
आसनसोल-रानीगंज, बांकुड़ा और पुरुलिया लंबे समय से इस अवैध धंधे का गढ़ रहे हैं, लेकिन अब लगातार कार्रवाई से माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है। हालांकि अभी तक ECL ने यह नहीं बताया है कि चोरी रुकने से उसे सालाना कितने करोड़ का शुद्ध लाभ होगा, लेकिन जानकारों का मानना है कि यह आंकड़ा सैकड़ों करोड़ में होगा।














