आसनसोल के नशा मुक्ति केंद्र में हंगामा, मरीजों ने कहा- हमें जबरन रखा गया, शिकायत के बाद खुद मौके पर पहुंचे पुलिस कमिश्नर
आसनसोल। शहर के पॉश इलाके सेनरैले रोड स्थित एक प्राइवेट नशा मुक्ति केंद्र (Rehab Centre) पर गंभीर आरोप लगे हैं। केंद्र में भर्ती मरीजों ने आरोप लगाया है कि उन्हें नशा छुड़ाने के नाम पर उनकी मर्जी के खिलाफ बंधक बनाकर रखा गया है। मामला तूल पकड़ने के बाद अब खुद आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के कमिश्नर डॉ. प्रणव कुमार ने मोर्चा संभाल लिया है।
क्या है पूरा मामला?
बताया जा रहा है कि दो दिन पहले इस नशा मुक्ति केंद्र के अंदर से कुछ पुरुष और महिला मरीजों ने हंगामा शुरू कर दिया था। उनका आरोप था कि उनका इलाज पूरा हो चुका है और वे बालिग हैं, फिर भी उन्हें सेंटर से बाहर नहीं जाने दिया जा रहा है। उन्हें जबरन कमरों में बंद रखा जा रहा है।
इस घटना के बाद परिजनों और कुछ मरीजों की तरफ से पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया।
खुद जांच करने पहुंचे पुलिस कमिश्नर
मामले की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार को पुलिस कमिश्नर डॉ. प्रणव कुमार खुद भारी पुलिस बल के साथ सेनरैले रोड स्थित उस नशा मुक्ति केंद्र पर पहुंचे। उन्होंने केंद्र का निरीक्षण किया, वहां भर्ती मरीजों से अलग-अलग बात की और सेंटर के रजिस्टर और दस्तावेजों को खंगाला।
निरीक्षण के बाद मीडिया से बात करते हुए पुलिस कमिश्नर ने कहा, “हमें शिकायत मिली थी कि कुछ बालिग लोगों को उनकी इच्छा के विरुद्ध यहां रखा गया है। हम इसकी निष्पक्ष जांच कर रहे हैं।”
इन दो बिंदुओं पर टिकी है जांच
पुलिस ने अपनी जांच दो सबसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर केंद्रित की है –
1. सहमति पत्र कहां है? – क्या केंद्र में भर्ती करते समय मरीजों की स्वैच्छिक और लिखित सहमति (Consent Form) ली गई थी? क्या भर्ती फॉर्म पर उनके हस्ताक्षर हैं?
2. संचालन वैध है या नहीं? – क्या इस नशा मुक्ति केंद्र के पास संचालन के लिए सभी सरकारी लाइसेंस और जरूरी कागजात हैं? वहां मरीजों के साथ व्यवहार कैसा किया जा रहा है?
पुलिस कमिश्नर ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर जांच में यह साबित होता है कि किसी भी व्यक्ति को उसकी मर्जी के खिलाफ रोका गया है या केंद्र नियमों का उल्लंघन कर रहा है, तो संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
फिलहाल पुलिस ने केंद्र के सभी दस्तावेज जब्त कर लिए हैं और जांच जारी है।














