दक्षिण बंगाल में डेंगू का कहर! एक हफ्ते में 966 नए केस, 4 हजार के पार पहुंचा आंकड़ा, घर-घर शुरू हुआ सर्वे
कोलकाता | शिल्पांचल टुडे विशेष
दक्षिण बंगाल में डेंगू ने एक बार फिर डराना शुरू कर दिया है। बारिश के बाद मच्छरों की भरमार से डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और स्वास्थ्य विभाग के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं।
स्वास्थ्य विभाग की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ 26 अगस्त से 2 सितंबर के बीच ही 966 नए डेंगू पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही इस साल बंगाल में डेंगू के कुल मरीजों की संख्या 4 हजार के करीब पहुंच गई है।
मामला गंभीर होता देख *एमएम2 सितंबर को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकार ने खुद समीक्षा बैठक की और सभी जिलों को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया है।
अब घर-घर होगी निगरानी, हर बुखार की होगी जांच
मुख्यमंत्री की बैठक के बाद स्वास्थ्य विभाग एक्शन में आ गया है। पूरे दक्षिण बंगाल में बड़े पैमाने पर रोकथाम अभियान शुरू किया गया है
– आशा कर्मी और स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर बुखार वाले मरीजों की तलाश कर रहे हैं।
– सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में डेंगू-मलेरिया की मुफ्त जांच शुरू कर दी गई है।
– डेंगू प्रभावित इलाकों में नगर निगम और पंचायत की तरफ से स्पेशल सफाई अभियान और मच्छर मारने वाली दवा का छिड़काव तेज कर दिया गया है।
सिर्फ सरकार नहीं, आपको भी होना होगा सावधान
डॉक्टरों का कहना है कि डेंगू का मच्छर साफ पानी में पनपता है और दिन में काटता है। इसलिए थोड़ी सी सावधानी से आप अपने परिवार को बचा सकते हैं
1. पानी जमा न होने दें: कूलर, फूलों के गमले, पुराने टायर, खाली ड्रम और छत पर पानी जमा न होने दें। हर 2-3 दिन में पानी बदल दें।
2. खुद को ढक कर रखें: पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें और मच्छर भगाने वाली क्रीम या अगरबत्ती का इस्तेमाल करें।
3. लक्षणों को हल्के में न लें: अगर तेज बुखार, तेज सिरदर्द, जोड़ों और बदन में दर्द, आंखों के पीछे दर्द या बहुत ज्यादा कमजोरी लगे तो खुद से दवा न लें, तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में जाकर डॉक्टर से मिलें।
शिल्पांचल टुडे की अपील
डेंगू को हराना सिर्फ सरकार या स्वास्थ्य विभाग के बस की बात नहीं है। यह हम सबकी जिम्मेदारी है। अपने घर और आसपास की थोड़ी सी सफाई मच्छरों का प्रजनन 90% तक रोक सकती है।
सतर्क रहें, पानी जमा न होने दें और सुरक्षित रहें।
