आसनसोल में गूंजा भारतीय ज्ञान और वंदे मातरम् का जयघोष! रामकृष्ण मिशन में राष्ट्रीय चर्चा सभा, IKS की विरासत पर मंथन
आसनसोल | शिल्पांचल टुडे
आसनसोल के रामकृष्ण मिशन आश्रम में रविवार को देशभक्ति और ज्ञान-विज्ञान से भरा एक अनोखा संगम देखने को मिला। लोक प्रज्ञा, आसनसोल चर्चा केंद्र के तत्वावधान में ‘भारतीय ज्ञान परंपरा (IKS) एवं वंदे मातरम् के 150 वर्ष’ विषय पर एकदिवसीय राष्ट्रीय चर्चा सभा का आयोजन किया गया।
वंदे मातरम् के 150 साल और IKS पर गहन चिंतन
कार्यक्रम का मुख्य फोकस दो बड़े विषयों पर था – एक तो हमारी हजारों साल पुरानी भारतीय ज्ञान परंपरा और दूसरा हमारे राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का सार्धशताब्दी वर्ष।
सभा में देश के विभिन्न हिस्सों से आए विद्वानों, शिक्षाविदों और वक्ताओं ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि भारत सिर्फ एक भूखंड नहीं, बल्कि एक ज्ञान की परंपरा है। गणित, विज्ञान, आयुर्वेद, योग, दर्शन – दुनिया को भारत ने बहुत कुछ दिया है, लेकिन आज की पीढ़ी इससे दूर होती जा रही है। इसे फिर से पाठ्यक्रम और जीवन में लाने की जरूरत है।
वहीं ‘वंदे मातरम्’ पर चर्चा करते हुए वक्ताओं ने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह गीत सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन की आत्मा था। 150 साल बाद भी यह गीत हर भारतीय के दिल में उसी जोश और देशभक्ति को जगाता है।
नई पीढ़ी को जोड़ने पर जोर
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने एक स्वर में कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा केवल किताबों या इतिहास का विषय नहीं है। यह हमारे वर्तमान को बेहतर बनाने और भविष्य को दिशा देने का सबसे बड़ा स्रोत है।
आयोजकों ने बताया कि ऐसी चर्चाओं का मकसद समाज में, खासकर युवाओं में अपनी संस्कृति, अपनी जड़ों और राष्ट्रीय चेतना के प्रति गर्व और जागरूकता पैदा करना है।
रामकृष्ण मिशन जैसे पवित्र और शांत परिसर में इस वैचारिक मंथन ने सभी को भारतीय होने पर गर्व महसूस कराया।














