सीतारामपुर में ECL क्वार्टर पर कब्जे की जंग, रिटायर्ड कर्मी के ढाई लाख फंसे – लेन-देन या गुंडागर्दी?
कुल्टी, शिल्पांचल टुडे।
चिनाकुड़ी नंबर-3 में ईसीएल के क्वार्टर पर कब्जे को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। एक रिटायर्ड ईसीएल कर्मी ने अपने क्वार्टर पर जबरन कब्जा करने का आरोप लगाते हुए नियामतपुर फांड़ी में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। इस कारण कंपनी में जमा उनके ढाई लाख रुपये भी फंस गए हैं।
बेटे को पीटकर निकाला, क्वार्टर पर कब्जा
पीड़ित दिनेश्वर सिंह 2018 में ईसीएल से रिटायर हुए थे। रिटायरमेंट के बाद भी वे चिनाकुड़ी नंबर-3 स्थित ईसीएल क्वार्टर में अपने बेटे के साथ रह रहे थे। दिनेश्वर सिंह के मुताबिक, वे कुछ समय के लिए अपने गांव गए थे और बेटा अकेला क्वार्टर में था।
आरोप है कि इसी दौरान अनजय पासवान ने उनके बेटे के साथ मारपीट की और उसे क्वार्टर से बाहर निकालकर ताला लगा दिया। दिनेश्वर सिंह का कहना है कि क्वार्टर खाली न होने की वजह से वे उसे ईसीएल को वापस हैंडओवर नहीं कर पा रहे हैं, जिसके कारण कंपनी में जमा उनकी करीब ढाई लाख रुपये की राशि अटकी हुई है।
दूसरे पक्ष का दावा – 3 लाख का कर्ज दिया था
वहीं, दूसरे पक्ष अनजय पासवान ने सभी आरोपों को झूठा बताया है। उसका दावा है कि दिनेश्वर सिंह और उनके बेटे ने उससे 3 लाख रुपये उधार लिए थे। पैसे के बदले ही उन्होंने क्वार्टर उसे रहने के लिए दिया था और इसका लिखित समझौता भी हुआ है। अनजय का कहना है कि जैसे ही उसके 3 लाख रुपये लौटा दिए जाएंगे, वह क्वार्टर खाली कर देगा।
एक पक्ष मारपीट और कब्जे का आरोप लगा रहा है तो दूसरा पक्ष कर्ज के बदले एग्रीमेंट की बात कह रहा है। अब सच्चाई क्या है, इसका फैसला नियामतपुर फांड़ी पुलिस की जांच के बाद ही होगा। पुलिस ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है।
