किडनी फेल, हौसला नहीं! आसनसोल के ‘रक्त-पुरुष’ प्रवीर धर की कहानी सुन रो पड़ेगा आपका दिल, साल के 356 दिन जगाकर बचाते हैं सैकड़ों जानें
शिल्पांचल टुडे, आसनसोल।
आज के इस मतलबी दौर में जहाँ लोग अपने लिए जीते हैं, वहीं आसनसोल शिल्पांचल की धरती पर एक ऐसा फरिश्ता भी रहता है जो दूसरों के लिए जीता है। नाम है – प्रवीर धर।
यह नाम नहीं, बल्कि इंसानियत की एक जीती-जागती मिसाल है। एक ऐसा व्यक्तित्व जिसने न जाने कितनी माताओं की गोद उजड़ने से बचाई है, कितने सुहाग बचाए हैं और कितने बच्चों को अनाथ होने से बचाया है।
अपनी किडनी खराब, फिर भी दूसरों को दे रहे जीवन
सबसे हैरान कर देने वाली और दिल को छू लेने वाली बात यह है कि खुद प्रवीर धर की दोनों किडनी खराब है। डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने को कहा है, लेकिन उनका दिल मानने को तैयार नहीं। उनका तो दिन-रात, सुबह-शाम बस एक ही मकसद, एक ही जुनून है – “मेरे आसनसोल, मेरे शिल्पांचल में खून की कमी से एक भी मौत नहीं होनी चाहिए।”
अपनी बीमारी को मात देकर वह साल के 356 दिन, मतलब हर दिन, दिन-रात एक करके जगह-जगह रक्तदान शिविर लगवाते हैं। लोगों के घर-घर जाकर, हाथ जोड़कर उन्हें रक्तदान के लिए प्रेरित करते हैं और खुद हर शिविर में मौजूद रहकर उसका संचालन करते हैं।

न अमीर देखते हैं, न गरीब – बस इंसान देखते हैं
प्रवीर धर के लिए कोई छोटा-बड़ा, अमीर-गरीब नहीं है। उनके लिए सिर्फ एक ही पहचान है – इंसान।
आसनसोल शिल्पांचल और उसके आसपास के किसी भी कोने से, आधी रात को भी अगर कोई फोन करके कह दे कि – “दादा, खून चाहिए, मरीज मर रहा है” – तो प्रवीर दा बिना एक पल गंवाए, बिना यह पूछे कि वह कौन है, तुरंत खून की व्यवस्था कर देते हैं। यही वजह है कि आज पूरा शिल्पांचल उन्हें अपने परिवार का सदस्य मानता है।
उनके साथ काम करने वाले एक युवा ने भावुक होते हुए लिखा है – “हम भी इनके मार्गदर्शन में 35 बार रक्तदान कर चुके हैं। मैं खुद को बहुत भाग्यशाली समझता हूँ जो ऐसे इंसान से मिला। हम उन्हें अपने घर के सदस्य की तरह मानते हैं।”
यह 35 बार रक्तदान नहीं, बल्कि 35 बार जीवनदान है जो उन्होंने दूसरों को प्रेरित करके दिलवाया है।
समाज को ऐसे ही हीरों की जरूरत है
आज जहाँ लोग रक्तदान करने से डरते हैं, वहीं प्रवीर धर जैसा व्यक्ति अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों की जान बचा रहा है। वह हमें सिखाते हैं कि इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है।
खून का एक कतरा किसी के लिए पूरी जिंदगी बन सकता है, इस बात को प्रवीर धर ने अपने कर्म से साबित कर दिया है।
आसनसोल शिल्पांचल को गर्व है कि हमारे बीच प्रवीर धर जैसा अनमोल हीरा है। ईश्वर से प्रार्थना है कि वह उन्हें लंबी उम्र और अच्छा स्वास्थ्य दे, ताकि वह इसी तरह सैकड़ों-हजारों जिंदगियां बचाते रहें।
ऐसे महापुरुष को शिल्पांचल टुडे परिवार की ओर से कोटि-कोटि नमन और सलाम!














