कोलकाता की झालमुड़ी ने ताजा की बचपन की यादें, वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने साझा किया बंगाल से तीन पीढ़ियों का रिश्ता
शिल्पांचल टुडे , कोलकाता।
कागज की पुड़िया में मिलने वाली सड़क किनारे की झालमुड़ी का स्वाद और कोलकाता की गलियों की यादें उद्योगपति एवं वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल को एक बार फिर अपने बचपन के दिनों में ले गईं। हाल ही में कोलकाता दौरे के दौरान उन्होंने शहर से जुड़ी अपनी पुरानी यादों और भावनात्मक रिश्ते को सोशल मीडिया पर साझा किया।
अनिल अग्रवाल ने बताया कि कोलकाता से उनके परिवार की तीन पीढ़ियों का रिश्ता रहा है। उनके पिता ने 1950 के दशक के आखिरी वर्षों में पटना जाने का फैसला किया था। इससे पहले उनके बचपन के शुरुआती करीब पांच साल कोलकाता के बड़ा बाजार स्थित पारिवारिक घर में संयुक्त परिवार के बीच बीते थे।
कई वर्षों बाद इस सप्ताह कोलकाता पहुंचने पर पुरानी यादें फिर ताजा हो गईं। उन्होंने शहर की गलियों, यहां के लोगों और खासकर बंगाल के खानपान की तारीफ की। उन्होंने लिखा कि कोलकाता के लोग जिस आत्मीयता से मिलते हैं और अपनेपन के साथ खाना खिलाते हैं, वह दिल को छू जाता है।
अपने दौरे के दौरान अनिल अग्रवाल ने खास तौर पर युवाओं से मुलाकात की। उन्होंने युवाओं के चेहरों पर उत्साह, आगे बढ़ने की इच्छा और भविष्य को लेकर सकारात्मक सोच देखकर प्रसन्नता व्यक्त की।
बंगाल की महिलाओं की भी उन्होंने विशेष सराहना की। उनके अनुसार, महिलाओं की विचारशीलता, अलग-अलग विषयों पर उनकी राय और हर क्षेत्र के प्रति उनकी जानकारी हमेशा से बंगाल की पहचान रही है।
इस यात्रा की सबसे खास बात यह रही कि कोलकाता से विदा लेते समय अनिल अग्रवाल अपने साथ झालमुड़ी का एक छोटा-सा पैकेट भी लंदन ले गए।
एक साधारण सी झालमुड़ी के बहाने अनिल अग्रवाल ने कोलकाता के साथ अपने बचपन, परिवार और तीन पीढ़ियों के भावनात्मक जुड़ाव की खूबसूरत झलक पेश की।













