प्रान्तिक – सिउड़ी नई रेल लाइन परियोजना को मिली नई जीवनधारा
कोलकाता । रेलवे बोर्ड ने चिनपई – साइंथिया (31.61 कि.मी.) के बीच दोहरीकरण कार्य में संशोधन के रूप में प्रान्तिक – सिउड़ी नई रेल लाइन (33.98 कि.मी.) को स्वीकृति प्रदान की थी। किंतु प्रान्तिक – सिउड़ी के बीच इस नई रेल लाइन की परियोजना लंबित थी। वर्तमान केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल के सर्वांगीण विकास के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। पश्चिम बंगाल के प्रत्येक कोने तक परिवहन नेटवर्क पहुँचाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार के प्रयासों के तहत, रेल मंत्रालय ने प्रांतिक-सिउरी नई लाइन परियोजना को शीघ्र क्रियान्वयन के लिए सक्रिय कर दिया है।
पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले और आसपास के क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए प्रान्तिक एवं सिउड़ी के बीच रेल संपर्क स्थापित करना रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस नई रेल लाइन परियोजना के पूर्ण होने से निम्नलिखित बहुआयामी लाभ प्राप्त होंगे :–
• नेटवर्क सुदृढ़ीकरण एवं वैकल्पिक मार्ग: यह रेल लाइन प्रान्तिक (साहिबगंज लूप) को सिउड़ी (अंडाल– साइंथिया शाखा लाइन) से जोड़ते हुए एक रणनीतिक लूप का निर्माण करती है।
• सामाजिक-आर्थिक लाभ: सिउड़ी, बीरभूम ज़िले का प्रशासनिक मुख्यालय है। बोलपुर/प्रांतिक सबसे बड़ा उप-मंडलीय नगर तथा एक प्रमुख शैक्षणिक केंद्र है। एक सीधा रेल संपर्क जिले की प्रशासनिक राजधानी और सांस्कृतिक केंद्र के बीच जनता के लिए सुगम आवागमन की सुविधा प्रदान करेगा।
• पर्यटन एवं सांस्कृतिक विकास: यूनेस्को द्वारा सूचीबद्ध शांतिनिकेतन, बक्रेश्वर के गर्म जलस्रोत, तारापीठ तथा अन्य तीर्थ स्थलों के आसपास पर्यटन को बढ़ावा देना।
• शैक्षणिक संपर्क: यह ज़िला मुख्यालय एवं पश्चिमी बीरभूम (राजनगर/दुबराजपुर क्षेत्रों) के छात्रों को विश्व-भारती विश्वविद्यालय (शांतिनिकेतन) तथा और सहायक शैक्षणिक संस्थानों से सीधे जोड़ता है, जिससे इन संस्थानों का प्रभाव क्षेत्र विस्तृत होगा।
प्रान्तिक – सिउड़ी नई रेल लाइन (33.98 कि.मी.) परियोजना के इस पुनरुद्धार से पश्चिम बंगाल की जनता को न केवल क्षेत्रीय संपर्क में वृद्धि का लाभ मिलेगा, बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों को भी इस संपर्क के माध्यम से देश के व्यापक रेलवे नेटवर्क से जोड़ा जा सकेगा।












