भाजपा नेता कृष्णा प्रसाद पर गैर-जमानती धाराओं में मामला दर्ज, राजनीतिक माहौल गरमा गया
कृष्णा प्रसाद ने सीपी ऑफिस और मंत्री घर घेराव की दी चेतावनी
आसनसोल । आसनसोल के विशिष्ट समाजसेवी सह भाजपा के युवा नेता कृष्णा प्रसाद के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में मामला दर्ज किए जाने को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। इस मुद्दे पर शुक्रे कृष्णा प्रसाद ने आसनसोल स्थित भाजपा के जिला पार्टी कार्यालय में पत्रकार सम्मेलन कर अपनी बात रखी। कृष्णा प्रसाद ने बताया कि ठंड के मौसम को देखते हुए वे पिछले कुछ समय से आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में घूम-घूम कर कंबल वितरण कर रहे थे। इसी क्रम में 19 जनवरी को वे 13 नंबर वार्ड के सालडांगा इलाके में कंबल वितरण के लिए गए थे, जहां संथाल रायपाड़ा और बाउरी पाड़ा के लोग रहते हैं। उन्होंने कहा कि उस समय स्थानीय लोग बिना किसी परेशानी के कंबल ले रहे थे।
कृष्णा प्रसाद का आरोप है कि इसी दौरान एक टीएमसी समर्थक मनोजीत हेंब्रम वहां पहुंचा और “गो बैक कृष्णा प्रसाद” के नारे लगाने लगे, साथ ही उनके सामाजिक कार्य का विरोध किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे 13 नंबर वार्ड में किसी भी तरह की असामाजिक कार्य करने नहीं गए थे, बल्कि यह पूरी तरह से एक सामाजिक सेवा का कार्यक्रम था। उन्होंने कहा कि आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र के लगभग 20 वार्डो में घर घर घूम घूमकर शीत वस्त्र वितरण किया। बीते 2 महीना में लगभग 25 हजार लोगों की घर गया। वहां के लोगों की समस्याओं को सुना। एक एक दिन में 12 से 14 घंटा पैदल घूम कर सामाजिक कार्य किया। उसी दौरान स्थानीय लोगों की समस्याओं को देखा एवं सुना। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद उनके खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में मामला दर्ज किया जाना इस बात का संकेत है कि तृणमूल कांग्रेस बौखला गया हैं और उनके पैरों तले जमीन खिसक गई है। उन्होंने कहा कि वे घटना स्थल से पुलिस आयुक्त को फोन करके घटना की जानकारी दी थी। कृष्णा प्रसाद ने आरोप लगाया कि पुलिस ने इस मामले में एक दिव्यांग व्यक्ति को केवल इसलिए हिरासत में ले लिया क्योंकि वह उनके साथ मौजूद था, जो पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है। उसे चार दिनों का रिमांड लिया गया। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो वे हाई कोर्ट जाएंगे। यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं है, बल्कि यह सच, सेवा और लोकतंत्र पर सीधा वार है। उन्होंने कहा कि उन्हें डराने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वे झुकेंगे नहीं और अन्याय के आगे चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि यह जुल्म है और वे इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। संघर्ष जारी रहेगा और इंसाफ तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि साज़, सच्चाई की जीत होगी।
कृष्णा प्रसाद ने चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह की ज्यादतियां अब ज्यादा दिनों तक नहीं चलेंगी और आने वाले बंगाल विधानसभा चुनाव में जनता इसका करारा जवाब देगी। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने का प्रयास जारी रहा तो पार्टी आने वाले समय में पुलिस आयुक्त के कार्यालय के साथ-साथ मंत्री के आवास का भी घेराव करेगी।












