ईसीएल और पश्चिम बर्धमान जिला प्रशासन का संयुक्त प्रयास: सतत खदान संवरण एवं सामुदायिक कल्याण
सांकटोरिया । ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) ने सतत विकास और सामाजिक कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया है। शुक्रवार को आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में ईसीएल के निदेशक (तकनीकी/परियोजना एवं योजना) गिरिश गोपीनाथन नायर एवं पश्चिम बर्धमान के जिला मजिस्ट्रेट पोन्नम्बलम एस. (आईएएस) के बीच ईसीएल की खदान संवरण योजना पर विस्तृत चर्चा की गई।
इस चर्चा में भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सतत खनन गतिविधियों तथा खनन उपरांत भूमि के पुनः उपयोग के तहत सामुदायिक विकास और आजीविका सृजन पहलों पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में नीतू शुक्ला (आईएएस), अपर जिला मजिस्ट्रेट (जि.प.), अरन्य बनर्जी, अपर जिला मजिस्ट्रेट (भूमि सुधार) सहित जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी तथा प्रखंड स्तर के राजस्व अधिकारी भी उपस्थित थे।
ईसीएल की ओर से पी. एस. डे, महाप्रबंधक (समन्वय), मृत्युंजय कुमार, महाप्रबंधक (पर्यावरण), रॉबिन थौनाओजा, महाप्रबंधक, सतग्राम–श्रीपुर क्षेत्र, भास्कर भट्टाचार्य, महाप्रबंधक (भूविज्ञान) तथा ईसीएल के सीएसआर विभाग के प्रतिनिधि सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
चर्चा के दौरान प्रभावित समुदायों के दीर्घकालिक सामाजिक-आर्थिक विकास के अनुरूप खदान संवरण गतिविधियों के एकीकरण के महत्व पर बल दिया गया। आजीविका सृजन, पर्यावरणीय पुनर्स्थापन तथा सतत सामुदायिक परिसंपत्तियों के निर्माण पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया, ताकि खनन उपरांत क्षेत्र स्थानीय जनकल्याण में सकारात्मक योगदान दे सकें।












