ईसीएल ने चिनाकुरी भूमिगत खान के लिए द्वितीय एस्क्रो खाता समझौते के माध्यम से एमडीओ राजस्व ढांचे को किया सुदृढ़
सांक्टोरिया । ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) ने चिनाकुरी भूमिगत (यूजी) खान के लिए इनोवेटिव माइनिंग प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (आईएमपीपीएल) तथा भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के साथ एक त्रिपक्षीय एस्क्रो खाता समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह पहल ईसीएल के माइन डेवलपर एवं ऑपरेटर (एमडीओ) ढांचे को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
ईसीएल मुख्यालय, सांक्टोरिया में संपन्न इस समझौते के साथ ईसीएल के अंतर्गत एमडीओ परियोजनाओं हेतु एस्क्रो-आधारित वित्तीय संरचना का यह दूसरा उदाहरण स्थापित हुआ है, जो कंपनी की सुदृढ़ वित्तीय शासन व्यवस्था को सशक्त करने तथा संरचित एमडीओ खनन मॉडल के विस्तार पर निरंतर ध्यान को प्रतिबिंबित करता है।
एमडीओ ढांचे के अंतर्गत एस्क्रो तंत्र ई-ऑक्शन के माध्यम से विक्रय किए गए कोयले से प्राप्त राजस्व के लिए एक अनुशासित नकदी प्रवाह संरचना को संस्थागत स्वरूप प्रदान करता है। विक्रय आय को एस्क्रो खाते के माध्यम से प्रवाहित करने से प्रतिपक्ष जोखिम में कमी आती है, वित्तीय पर्यवेक्षण सुदृढ़ होता है, समयबद्ध प्रेषण सुनिश्चित होता है तथा पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को सुदृढ़ करते हुए निर्बाध खनन संचालन को समर्थन मिलता है।
इस समझौते पर ईसीएल की ओर से श्याम सुंदर, महाप्रबंधक (वित्त) प्रभारी, तथा शांतनु चक्रवर्ती, विभागाध्यक्ष (फंड) एवं निदेशक (वित्त) के तकनीकी सचिव ने हस्ताक्षर किए। आईएमपीपीएल की ओर से इसके निदेशक नवीन तुलस्यान एवं आलोक कुमार अग्रवाल उपस्थित रहे, जबकि एसबीआई का प्रतिनिधित्व सुभ्र सरकर, मुख्य प्रबंधक, एसबीआई आसनसोल ने किया।
यह समझौता बड़े पैमाने के खनन संचालन को प्रोत्साहन देने, उत्तरदायित्व को सुदृढ़ करने तथा देश की ऊर्जा सुरक्षा में योगदान देने हेतु सुदृढ़ वित्तीय संरचनाओं को अपनाने पर ईसीएल के केंद्रित दृष्टिकोण को रेखांकित करता है।













