झारखंड-पश्चिम बंगाल सीमा पर जोड़िया नदी में केमिकल प्रदूषण: मछलियों की मौत और स्थानीय लोगों में दहशत
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सालानपुर । देवभूमि के देंदुआ इलाके में स्थित झारखंड और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्र पर मौजूद एक बड़े धार्मिक स्थल माँ कल्याणेश्वरी मंदिर से बह रही जोड़िया नदी के पानी के ऊपर मरी हुई मछलियों को देख वहाँ घूमने और माँ काली का दर्शन करने आए पर्यटकों में ही नहीं बल्कि स्थानीय लोगों में भी दहशत का माहौल छा गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर परिसर से कुछ ही दूरी पर एक स्टील प्लांट है, जिसमें विभिन्न प्रकार के बिल्डिंग बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली लोहे की रॉड यानी सरिया बनाया जाता है। सरिया में जंग नहीं लगे, इसके लिए सरिया में कई प्रकार के कैमिकल का भी इस्तेमाल किया जाता है। जानकारों के अनुसार ऐसे कैमिकल के सम्पर्क में आने से आम इंसान का स्वास्थ्य बुरी तरह से बिगड़ सकता है, जिससे उनकी जान भी जा सकती है। ऐसे में अगर वह कैमिकल पानी में घुल जाता है तो उस पानी का सेवन अगर कोई जानवर या फिर पानी में पलने वाले जीव करें तो उनको भी जान का खतरा है। स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ महीने पहले भी इस जोड़िया नदी का पानी का सेवन कर नदी के किनारे चार गाय की मौत हो गई थी। उस समय स्थानीय लोगों द्वारा फैक्ट्री मालिक के साथ काफी कहा सुनी हुई थी। मामले में बवाल बढ़ता देख फैक्ट्री मालिक ने मामले को लेकर सुलझा लिया, जिसके बाद जोड़िया नदी में कैमिकल का पानी नहीं छोड़ा जा रहा था। इस बार फिर फैक्ट्री का जहरीला केमिकल जोड़िया नदी में छोड़ा गया है, जिस कारण एक बार फिर जोड़िया नदी का पानी विषैला हो गया है और जोड़िया नदी की मछलियाँ मरकर पानी के ऊपर बह रही हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार इसी जोड़िया नदी के पानी से मंदिर ही नहीं बल्कि मंदिर के आस-पास के रहने वाले कई लोग धार्मिक कर्मकांड करते थे, पर नदी की पानी के विषैली होने से अब लोगों में डर और भय का माहौल बना हुआ है, जिससे अब लोगों को यह लगने लगा है कि फैक्ट्री का केमिकल प्रदूषण उनके जीवन के लिए बड़ा खतरा बन गया है।













