‘दुर्गापुर में सियासी भूचाल: BJP में एंट्री की कोशिश कर रहे TMC के पूर्व पार्षद राजीव घोष गिरफ्तार, कोर्ट में लगे ‘चोर-चोर’ के नारे’
दुर्गापुर। दुर्गापुर में बुधवार रात राजनीतिक गलियारों में हलचल तब मच गई जब तृणमूल कांग्रेस के पूर्व पार्षद और ब्लॉक अध्यक्ष राजीव घोष को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। राजीव घोष एक भाजपा नेता से मुलाकात करने पहुंचे थे, तभी पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। घटना इस्पात नगरी के तानसेन इलाके की है।
कोर्ट में हंगामा, BJP कार्यकर्ताओं ने घेरा
गुरुवार सुबह पुलिस ने जब राजीव घोष को दुर्गापुर महकमा अदालत में पेश किया तो वहां पहले से मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने राजीव घोष को देखते ही “चोर-चोर” के नारे लगाने शुरू कर दिए। नारेबाजी के चलते अदालत परिसर में तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस को अतिरिक्त बल बुलाकर स्थिति नियंत्रित करनी पड़ी।
BJP का बड़ा आरोप: आतंक और वसूली का मास्टरमाइंड
भाजपा नेताओं दिव्येंदु राय और स्वर्णेंदु हलदार ने राजीव घोष पर कई संगीन आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राजीव घोष पिछले कई सालों से इलाके में आतंक का पर्याय बने हुए थे। _”राजनीतिक प्रतिशोध लेना, विरोधी कार्यकर्ताओं को धमकाना और अवैध वसूली करना उनका पेशा बन गया था,”_ भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया।
भाजपा का दावा है कि 2021 विधानसभा चुनाव के बाद दुर्गापुर में भाजपा समर्थकों पर हुए हमलों और कई परिवारों को घर छोड़ने पर मजबूर करने की घटनाओं के पीछे राजीव घोष का हाथ था।
BJP में आने की फिराक में थे, पार्टी ने किया किनारा
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा भाजपा के स्थानीय नेतृत्व ने किया। पार्टी का कहना है कि राज्य में बदलते राजनीतिक समीकरण को देखते हुए राजीव घोष पिछले कुछ समय से भाजपा में शामिल होने के लिए लगातार संपर्क साध रहे थे।
हालांकि भाजपा ने साफ कर दिया है कि _”दागी छवि वाले राजीव घोष को पार्टी में लेने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। भाजपा अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलती है।”_
पुलिस ने शुरू की जांच, पुराने केस भी खंगाले जा रहे
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, राजीव घोष को गिरफ्तार कर गुरुवार सुबह कोर्ट में पेश किया गया। उनके खिलाफ दर्ज पुराने मामलों के साथ-साथ हालिया शिकायतों की भी जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि वे किस भाजपा नेता से मिलने गए थे और उसका मकसद क्या था।
इस गिरफ्तारी के बाद दुर्गापुर की सियासत गरमा गई है। TMC ने इसे “भाजपा की साजिश” करार दिया है, वहीं भाजपा ने पुलिस कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा है कि “कानून अपना काम कर रहा है”।















