‘रक्तदान आंदोलन को नई दिशा: पूर्व-पश्चिम बर्धमान में स्वैच्छिक रक्तदाताओं का 27वां जिला सम्मेलन संपन्न, समाजसेवियों ने ली ‘हर बूंद कीमती’ की शपथ’
आसनसोल, 28 मई 2026। पूर्व-पश्चिम बर्धमान जिले में स्वैच्छिक रक्तदान आंदोलन को और मजबूत करने के उद्देश्य से ‘सोशल वर्कर्स एसोसिएटेड विद वॉलंटरी ब्लड डोनेशन मूवमेंट’ का 27वां जिला सम्मेलन भव्य रूप से संपन्न हुआ। बर्नपुर सोशल वेलफेयर कमेटी वॉलंटरी ब्लड डोनर्स ऑर्गनाइजेशन द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में जिले भर के सैकड़ों रक्तदाता कार्यकर्ताओं और समाजसेवियों ने हिस्सा लिया।
‘करुणा से सेवा तक’ का दिया संदेश
“Together – From Compassion to Service” की थीम पर आयोजित इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना और नई पीढ़ी को इस मुहिम से जोड़ना रहा।
सम्मानित हुए रक्तवीर
कार्यक्रम में नियमित रक्तदान करने वाले दर्जनों ‘रक्तवीरों’ और वर्षों से इस आंदोलन को सींचने वाले वरिष्ठ समाजसेवियों को सम्मानित किया गया। आयोजकों ने बताया कि बर्नपुर सोशल वेलफेयर कमेटी पिछले कई दशकों से थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों और जरूरतमंद मरीजों के लिए लगातार रक्तदान शिविर आयोजित कर रही है। मौके पर पश्चिम बर्दवान जिला अधिकारी एस पन्नोबालम, विशिष्ट व्यवसायी सह समाजसेवी दीपक रुद्र, शिल्पांचल के विशिष्ट उद्योगपति सह समाजसेवी एच एन मिश्रा, आसनसोल चेंबर ऑफ कॉमर्स के सचिव शंभूनाथ झा, व्यासायी मुकेश तोडी, रक्तदान आंदोलन के प्रणेता प्रबीर धर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
एक यूनिट खून, तीन जिंदगी बचाए’
सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि आज भी अस्पतालों में समय पर खून न मिलने से कई जानें चली जाती हैं। “हमारा लक्ष्य है कि जिले में कोई भी मरीज खून की कमी से दम न तोड़े। एक यूनिट खून से तीन जिंदगियां बचाई जा सकती हैं,” एक वरिष्ठ सदस्य ने कहा। युवाओं से अपील की गई कि वे अपने जन्मदिन, शादी की सालगिरह जैसे खास मौकों पर रक्तदान कर इसे यादगार बनाएं।
आगे की रणनीति तय
सम्मेलन में निर्णय लिया गया कि आने वाले महीनों में पूर्व-पश्चिम बर्धमान के हर ब्लॉक में मेगा रक्तदान शिविर लगाए जाएंगे। स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाकर 18 साल से ऊपर के छात्रों को रक्तदाता बनाया जाएगा। साथ ही, दुर्लभ ब्लड ग्रुप वाले डोनर्स का एक डिजिटल डेटाबेस भी तैयार किया जाएगा ताकि इमरजेंसी में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।
बर्नपुर सोशल वेलफेयर कमेटी के इस आयोजन को जिले में रक्तदान आंदोलन के लिए एक नया मील का पत्थर माना जा रहा है।















