‘अनुभव बनाम युवा जोश की लड़ाई: दुर्गापुर पूर्व में विकास के मुद्दे पर प्रदीप का पलड़ा भारी’ ‘वाम वोट लौटा तो बीजेपी की बढ़ेगी मुश्किल’
दुर्गापुर । दुर्गापुर पूर्व विधानसभा सीट पर इस बार चुनाव ‘अनुभव और तरुणाई की लड़ाई’ बन गया है। ‘उन्नयन’ यानी विकास को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाकर भाजपा प्रत्याशी प्रदीप मजूमदार मैदान में हैं।
वाम वोटर तय करेंगे नतीजा
अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, इस सीट पर वामपंथियों का वोट निर्णायक भूमिका निभाएगा। लिखा है, “बामेदेर भोट फिरले बिपद बाड़बे बिजेपीर”_ यानी अगर वाम का वोट लौटा तो भाजपा की मुश्किल बढ़ जाएगी।
2016 और 2021 के विधानसभा चुनाव में दुर्गापुर पूर्व सीट पर तृणमूल का कब्जा रहा था। लेकिन 2024 लोकसभा चुनाव में बीजेपी को इस विधानसभा क्षेत्र में 71 हजार से ज्यादा वोट मिले थे, जो तृणमूल से 12 हजार अधिक थे।
प्रदीप के सामने टीएमसी की चुनौती
रिपोर्ट में कहा गया है कि भाजपा प्रत्याशी प्रदीप मजूमदार ‘विकास’ के मुद्दे पर जनता के बीच जा रहे हैं। दुर्गापुर के औद्योगिक इलाके में बंद पड़े कारखाने, बेरोजगारी और पानी की समस्या बड़े मुद्दे हैं।
दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस भी ‘लक्ष्मीर भंडार’ और सामाजिक योजनाओं के भरोसे मैदान में है। मुकाबला सीधा है, लेकिन वाम और कांग्रेस का वोट शेयर जिस तरफ झुकेगा, पलड़ा उसी का भारी होगा।
‘शान प्रदीपेर’
स्थानीय अखबार ने हेडलाइन दी है- _”उन्नयन अस्त्रे शान प्रदीपेर”_ यानी विकास के हथियार से प्रदीप की शान बढ़ी है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जनता के बीच प्रदीप की छवि ‘विकास पुरुष’ की बन रही है।
दुर्गापुर पूर्व में कुल 2,37,127 वोटर हैं, जिनमें 1,18,726 महिला और 1,18,400 पुरुष मतदाता शामिल हैं। यहां 304 बूथों पर 23 अप्रैल को मतदान होगा।
क्या है समीकरण
2016: टीएमसी जीत, वाम दूसरे नंबर पर, बीजेपी तीसरे स्थान पर
2021: टीएमसी जीत, बीजेपी दूसरे नंबर पर पहुंची, वाम का वोट बीजेपी की तरफ शिफ्ट
2024 लोकसभा: विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी को टीएमसी से 12 हजार वोट ज्यादा
अब देखना है कि 2026 में वाम का कोर वोटर घर वापसी करता है या ‘विकास बनाम अनुभव’ की लड़ाई में प्रदीप मजूमदार बाजी मारते हैं।
