झाड़ू से आगे: पूर्व रेलवे का स्वच्छता अभियान बना जन-आंदोलन, स्काउट्स-गाइड्स ने संभाला मोर्चा’
कोलकाता । पूर्व रेलवे में 15 अप्रैल से 14 मई तक चल रहा माहव्यापी स्वच्छता अभियान अब जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। महाप्रबंधक मिलिंद देउसकर के नेतृत्व में चल रहे इस महाअभियान ने 27-28 अप्रैल को विशेष रफ्तार पकड़ी, जब भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के स्वयंसेवकों ने पटरियों से लेकर चलती ट्रेनों तक स्वच्छता का अलख जगाया।
‘एक कदम स्वच्छता की ओर’ बना नारा
ट्रेनों की लयबद्ध आवाज़ के साथ अब “एक कदम स्वच्छता की ओर” का नारा गूंज रहा है। सियालदह, हावड़ा, आसनसोल और मालदा* मंडलों के DRM चौबीसों घंटे प्रगति की निगरानी कर रहे हैं। EnHM विभाग पूरी ताकत से जुटा है।
स्काउट्स-गाइड्स ने संभाली कमान
इस अभियान की असली ताकत पूर्व रेलवे भारत स्काउट्स एवं गाइड्स बने हैं:
1. बैरकपुर समूह: बैरकपुर हनुमान मंदिर और स्टेशन परिसर में जागरूकता अभियान।
2. विवेकानंद समूह: B.B.D. बाग स्टेशन पर 8 सदस्यों ने यात्रियों को ट्रैक साफ रखने के लिए प्रेरित किया।
3. नैहाटी समूह: चलती ट्रेनों में यात्रियों के बीच जागरूकता सत्र।
4. कांचरापाड़ा दक्षिण समूह: 55 सदस्यों ने वर्कशॉप क्षेत्र में प्लास्टिक कचरा अलग किया। गाइड्स ने रेलवे सुरक्षा पर नुक्कड़ नाटक किया।
5. ऑफिसर्स कॉलोनी समूह: 46 सदस्यों ने कल्याणी प्लेटफॉर्म पर व्यंग्यात्मक नुक्कड़ नाटक से थूकने-गंदगी के दुष्प्रभाव बताए। रोवर्स-रेंजर्स के लिए पोस्टर प्रतियोगिता भी हुई।
6. चलती क्लासरूम: चित्तरंजन-मधुपुर के बीच ट्रेन 63509 के डिब्बों को स्वयंसेवकों ने क्लासरूम बना दिया। “स्वच्छ भारत, हरित भारत” का संदेश इंजन की रफ्तार से फैलाया।
CPRO बोले: “यात्री भागीदारी के बिना अधूरा”
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझी ने कहा, “महाप्रबंधक मिलिंद देउसकर के मार्गदर्शन में हम प्रयासरत हैं, पर अंतिम सफलता यात्रियों पर निर्भर है। रेलवे राष्ट्रीय धरोहर है। इसे विश्वस्तरीय बनाने के लिए हर यात्री को घर की तरह स्टेशन-कोच साफ रखने होंगे।”
रेलवे ने साफ किया कि अत्याधुनिक सफाई व्यवस्था भी जन-जागरूकता के बिना बेकार है। कूड़ेदान का इस्तेमाल और प्लास्टिक का त्याग हर नागरिक की जिम्मेदारी है।












