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आसनसोल नगर निगम बोर्ड बैठक में हंगामा: पेयजल-सफाई संकट पर पार्षद भिड़े, इंजीनियरों को हटाने की मांग’

आसनसोल । चुनावी माहौल के बीच आसनसोल नगर निगम की अप्रैल महीने की बोर्ड बैठक बुधवार को हंगामेदार रही। पेयजल संकट और स्वच्छता व्यवस्था को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के पार्षद आमने-सामने आ गए। कुल्टी और जमुरिया समेत कई वार्डों में पानी की किल्लत पर तीखी बहस हुई।

23 अप्रैल के बाद बिगड़े हालात, TMC पार्षद भी नाराज
बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठा कि 23 अप्रैल को पहले चरण के चुनाव के बाद से ही शहर के कई इलाकों में पेयजल संकट गहरा गया है। दिलचस्प बात यह रही कि सिर्फ विपक्ष ही नहीं, सत्ताधारी TMC के पार्षदों ने भी इस पर नाराजगी जताई।

इंजीनियरों पर गिरी गाज, हटाने तक की मांग
पार्षदों ने जल एवं स्वच्छता विभाग के प्रभारी इंजीनियरों पर लापरवाही का आरोप लगाया। समय पर कार्रवाई न करने को लेकर इंजीनियरों के खिलाफ एक्शन और यहां तक कि उन्हें पद से हटाने की मांग उठी। कुछ पार्षदों ने तो सीधे एक इंजीनियर पर गुस्सा निकाल दिया, जिससे बैठक कुछ देर अव्यवस्थित हो गई।

‘गंदे माहौल’ पर भी फूटा गुस्सा
पार्षदों ने शहर में गंदगी और नियमित सफाई न होने पर भी निगम अधिकारियों को घेरा। आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।

मेयर गैरहाजिर, चेयरमैन ने संभाला मोर्चा
मेयर बिधान उपाध्याय बैठक से नदारद रहे। उपमेयर अभिजीत घटक, वसीमुल हक और मेयर परिषद सदस्य मौजूद थे। स्थिति बिगड़ते देख निगम चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी और अधिकारियों के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ।

8-10 मई को फिर होगी बैठक, जांच के आदेश
बैठक के अंत में चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी और मेयर परिषद सदस्य गुरुदास चटर्जी ने भरोसा दिया कि जल-सफाई संकट के समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। 8 से 10 मई के बीच अगली बोर्ड बैठक में अंतिम फैसला होगा।

अधिकारियों ने माना कि तकनीकी कारणों से कभी-कभी पानी की सप्लाई में दिक्कत आती है, लेकिन चुनाव के दौरान ही समस्या क्यों बढ़ी, इसकी जांच की जा रही है।

 

  

        

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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