“2021 की चुनावी हिंसा: आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, TMC के ब्लॉक अध्यक्ष समेत 3 नेता गिरफ्तार”
आसनसोल, 25 जून 2026। 2021 विधानसभा चुनाव के बाद हुई कथित हिंसा के मामले में आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट की बाराबनी थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में TMC के तीन प्रभावशाली नेताओं को गिरफ्तार किया गया है, जिससे इलाके की सियासत गरमा गई है।
कौन-कौन गिरफ्तार:
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार नेताओं में बाराबनी पंचायत समिति के सभापति और TMC के ब्लॉक अध्यक्ष असित सिंह, उनके भाई पनुड़िया ग्राम पंचायत के उप-प्रधान विश्वजीत सिंह और प्रभावशाली TMC नेता अकबर आलम शामिल हैं।
कैसे हुई गिरफ्तारी:
पुलिस के मुताबिक, गुरुवार देर रात कुल्टी थाना क्षेत्र के दुबरडीह चेकपोस्ट के पास से असित सिंह और विश्वजीत सिंह को गिरफ्तार किया गया। वहीं अकबर आलम को झारखंड के जमशेदपुर से हिरासत में लेकर बाद में गिरफ्तार किया गया। 2021 में चुनाव परिणाम आने के बाद से ही ये तीनों फरार चल रहे थे और कई मामलों में इनका नाम सामने आया था।
जांच में अहम मोड़:
पुलिस का कहना है कि 2021 की वोट के बाद की हिंसा से जुड़े मामले में यह गिरफ्तारी हुई है। इनके खिलाफ पहले से कई मामले लंबित थे। लंबे समय से इनकी गिरफ्तारी की मांग की जा रही थी। तीनों को गिरफ्तार करने के बाद जांच में अहम प्रगति हुई है।
अदालत में पेशी:
अशांति की आशंका के चलते तीनों आरोपियों को बाराबनी थाने में न रखकर हीरापुर थाने में रखा गया। शुक्रवार सुबह उन्हें आसनसोल अदालत में पेश किया गया। पुलिस की गाड़ी में बैठते समय असित सिंह ने पत्रकारों के सवाल पर सिर्फ मुस्कुराते हुए कहा, “क्या बोलूं, सब कुछ तो आप देख ही रहे हैं।” पुलिस ने तीनों की पुलिस रिमांड की मांग की है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया:
गिरफ्तारी की खबर फैलते ही बाराबनी और आसपास के इलाकों में भाजपा कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। कई जगह पटाखे फोड़कर जश्न मनाया गया। भाजपा नेता अभिजीत राय ने कहा, “हम लंबे समय से इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे थे। पुलिस के इस कदम का हम स्वागत करते हैं। पिछले 5 साल में इन TMC नेताओं ने इलाके में क्या किया, ये सबको पता है।”
अभी भी फरार हैं कुछ आरोपी:
पुलिस का कहना है कि इसी मामले में अभी कुछ और आरोपी फरार हैं। उनकी तलाश में छापेमारी जारी है। वहीं गिरफ्तार नेताओं या TMC की तरफ से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
इस घटना के बाद बाराबनी से लेकर पूरे आसनसोल की सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब आगे जांच किस दिशा में जाती है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी होती है या नहीं, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।














