“आसनसोल में अग्निमित्रा पाल का तृणमूल पर हमला – ‘दो गुटों की लड़ाई से जनता भ्रमित, असली विपक्ष कौन?’
आसनसोल, 28 जून 2026। तृणमूल कांग्रेस के अंदर चुनाव-चिह्न को लेकर जारी विवाद और 21 जुलाई के शहीद दिवस कार्यक्रम पर मचे घमासान के बीच राज्य मंत्री अग्निमित्रा पाल ने रविवार को आसनसोल में सत्तारूढ़ दल पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि तृणमूल के दो गुटों के आपसी टकराव से सिर्फ भाजपा ही नहीं, बल्कि पूरा बंगाल भ्रम में है।
“असली विपक्ष कौन है, समझ नहीं आ रहा”: अग्निमित्रा
मंत्री अग्निमित्रा पाल ने कहा, “चुनाव चिह्न किसे मिलेगा, यह पूरी तरह तृणमूल का आंतरिक मामला है। लेकिन हम भ्रमित हैं और राज्य की जनता भी भ्रमित है। हम हमेशा एक मजबूत और स्पष्ट विपक्ष चाहते थे। पर अब समझना मुश्किल हो गया है कि असली विपक्ष कौन है। विधानसभा में एक गुट अंदर बैठता है, दूसरा बाहर चला जाता है। इससे पूरे लोकतांत्रिक ढांचे में भ्रम पैदा हो रहा है।”
21 जुलाई की सभा पर कटाक्ष:
21 जुलाई शहीद दिवस को लेकर तृणमूल के दोनों गुटों के बीच अनुमति और सभा स्थल को लेकर खींचतान पर भी उन्होंने तंज कसा। अग्निमित्रा पाल ने कहा, _”जो दल इतिहास बन चुका है और जिसे बंगाल की जनता ने लगभग नकार दिया है, वह कहां सभा करेगा और कौन सा गुट अनुमति मांगेगा, यह उनका फैसला है। अगर वे अनुमति मांगेंगे तो मुख्यमंत्री जरूर देंगी।”
उन्होंने पुराने दिन याद करते हुए कहा कि जब भाजपा विपक्ष में थी तो सभा की इजाजत के लिए हाईकोर्ट जाना पड़ता था। “अब वो नौबत नहीं है। लेकिन सभा करनी है तो सारे नियम-कानून मानने होंगे। कानून सबके लिए बराबर है,” उन्होंने जोर देकर कहा।
राजनीतिक पारा गर्म:
अग्निमित्रा पाल के इस बयान के बाद राज्य की सियासत में नया विवाद छिड़ गया है। जैसे-जैसे 21 जुलाई नजदीक आ रहा है, तृणमूल की आंतरिक कलह और विपक्ष के हमले तेज होते जा रहे हैं। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार बढ़ रहा है, जिससे बंगाल का राजनीतिक माहौल और गरम हो गया है।
