“भारत केसरी’ की 125वीं जयंती पर ओबीसी मोर्चा का शक्ति प्रदर्शन: आसनसोल में निकली भव्य पदयात्रा, विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी बोले- मुखर्जी के आदर्श आज भी प्रासंगिक”
आसनसोल उत्तर विधानसभा कार्यालय से भगत सिंह मोड़ तक निकले सैकड़ों कार्यकर्ता, देशभक्ति के नारों से गूंजा शहर
आसनसोल। भारत के प्रख्यात शिक्षाविद और ‘भारत केसरी’ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर सोमवार को आसनसोल उत्तर मंडल-3, ओबीसी मोर्चा ने जोरदार श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर एक विशाल पदयात्रा का आयोजन किया गया जो देशभक्ति के रंग में रंगी नजर आई।
विधानसभा से भगत सिंह मोड़ तक गूंजे नारे
पदयात्रा आसनसोल उत्तर विधानसभा कार्यालय से शुरू होकर भगत सिंह मोड़ पर संपन्न हुई। रास्ते में कार्यकर्ताओं ने ‘भारत माता की जय’ और ‘डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अमर रहें’ के नारों से पूरे शहर को गुंजा दिया। यात्रा में पार्टी पदाधिकारियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, समर्थक और स्थानीय गणमान्य लोग शामिल हुए।
इस पदयात्रा में आसनसोल उत्तर के विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि, राष्ट्रवाद पर दिया जोर
भगत सिंह मोड़ पर पहुंचकर विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण किया और पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी का त्याग, राष्ट्रप्रेम और उनकी दूरदर्शी सोच आज भी हर भारतीय के लिए प्रेरणा है।
विधायक ने कहा, “डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिर्फ एक राजनेता या शिक्षाविद नहीं थे। वे देश की एकता, सांस्कृतिक अस्मिता और राष्ट्रीय हितों के प्रबल रक्षक थे। उनका ‘एक देश, एक विधान, एक निशान’ का सपना आज भी हमारा मार्गदर्शन करता है। उनकी राष्ट्रवादी दृष्टि आने वाली पीढ़ियों को दिशा देती रहेगी।”
युवाओं तक पहुंचाने की जरूरत
कार्यक्रम में वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि डॉ. मुखर्जी के विचारों को समाज के हर वर्ग, खासकर युवाओं तक पहुंचाना जरूरी है। ऐसे आयोजन सिर्फ श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का संकल्प भी हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने डॉ. मुखर्जी के आदर्शों पर चलकर देश और समाज की सेवा करने का संकल्प लिया। ओबीसी मोर्चा, मंडल-3 के पदाधिकारियों ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनता का आभार व्यक्त किया।















