मेयर-मुलाकात से मचा सियासी तूफान: विधान उपाध्याय बोले- ऋतब्रत से शिष्टाचार भेंट थी, TMC नहीं छोड़ रहा
बाराबनी में हिंसा और निगम की समस्याओं को लेकर विपक्ष के नेता को दी जानकारी, ममता बनर्जी को भी अवगत कराया
आसनसोल। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद शिल्पांचल आसनसोलकी सियासत एक बार फिर उबाल पर है। वजह बना आसनसोल नगर निगम के मेयर विधान उपाध्याय का कोलकाता जाकर विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी से मिलना। इस एक मुलाकात के बाद से ही शहर की राजनीतिक गलियों में चर्चाओं का बाजार गर्म है और तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
कयासों का दौर शुरू
मामला तब तूल पकड़ा जब TMC के पूर्व जिला सचिव शुभाशीष मुखोपाध्याय ने सोशल मीडिया पर मेयर की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए नए मेयर की मांग कर दी। इसके बाद कई पार्षदों के इस्तीफे की खबरें आईं और अब मेयर की विपक्ष नेता से मुलाकात ने निगम की राजनीति में आग लगा दी।
मेयर ने तोड़ी चुप्पी, कहा- “पार्टी नहीं छोड़ूंगा”
सियासी घमासान के बीच मंगलवार को मेयर विधान उपाध्याय ने खुद मीडिया के सामने आकर स्थिति साफ की। उन्होंने कहा कि कोलकाता जाना उनका निजी काम था। ऋतब्रत बनर्जी विपक्ष के नेता बने हैं, तो शिष्टाचार के नाते फोन करके उनसे मुलाकात कर ली।
मेयर ने बताया, “विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद से बाराबनी विधानसभा क्षेत्र में TMC कार्यकर्ताओं के घरों पर हमले, आगजनी और गिरफ्तारी का सिलसिला चल रहा है। वहां काफी उथल-पुथल है। इसी मुद्दे के साथ-साथ आसनसोल नगर निगम की कई लंबित समस्याओं को लेकर मैंने विपक्ष के नेता को जानकारी दी है। उन्होंने सहयोग का आश्वासन दिया है।”
अटकलों को खारिज करते हुए उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “मैं पूरी स्थिति से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अवगत करा चुका हूं। मैं तृणमूल कांग्रेस में था, हूं और आगे भी रहूंगा। पार्टी छोड़ने की बात बिल्कुल गलत है।”
निगम की राजनीति गरमाई
मेयर के इस स्पष्टीकरण के बाद भी राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। सभी की नजरें अब इस पर टिकी हैं कि मेयर की इस ‘शिष्टाचार भेंट’ का असर आसनसोल नगर निगम के अंदरूनी समीकरणों पर क्या पड़ेगा।















