“पेड़ लगाओ, जीवन बचाओ: ‘ग्रीन एक्सप्रेस’ लेकर आसनसोल पहुंचे श्यामल जाना, बनवारीलाल भलोटिया कॉलेज में लगा बरगद का पौधा”
पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संदेश लेकर देशभर का भ्रमण कर रहे अभियानकर्ता, छात्रों ने लिया हरियाली का संकल्प
आसनसोल। पर्यावरण बचाओ का संदेश लेकर देशभर का भ्रमण कर रहे ‘ग्रीन एक्सप्रेस – बरगद वृक्षारोपण यात्रा’ बनवारीलाल भलोटिया कॉलेज, आसनसोल पहुंची। प्रसिद्ध पर्यावरण अभियानकर्ता श्यामल जाना द्वारा लाए गए जीवित बरगद के पौधे ने छात्रों और शिक्षकों को प्रकृति संरक्षण का अनूठा पाठ पढ़ाया।
एक पौधा, एक मिशन
कॉलेज परिसर में बीगल नेचर क्लब के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरणीय स्थिरता और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम का समन्वय कॉलेज के लाइब्रेरियन और बीगल नेचर क्लब के संयोजक राजर्षि दास ने किया, जो नदी पुनर्जीवन और जैव विविधता संरक्षण के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
इस अवसर पर वेस्ट बंगाल पावर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड, चुरुलिया के माइनिंग इंजीनियर रोनित बनर्जी भी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनकी मौजूदगी ने शिक्षा जगत, उद्योग और समाज के बीच पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग की जरूरत को रेखांकित किया।
“पर्यावरण बचाना सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं” – श्यामल जाना
सभा को संबोधित करते हुए श्यामल जाना ने कहा कि ‘ग्रीन एक्सप्रेस’ का संदेश बहुत सीधा है – “पेड़ लगाओ, जीवन बचाओ”। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा केवल सरकार का काम नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। बरगद का पौधा लेकर देशभर की यात्रा कर उन्होंने साबित किया कि एक दृढ़ निश्चयी व्यक्ति भी पूरे देश में पारिस्थितिक बहाली को लेकर बातचीत शुरू कर सकता है।
शिक्षा के साथ जिम्मेदारी भी जरूरी
राजर्षि दास ने कहा, “बनवारीलाल भलोटिया कॉलेज के लिए यह सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था। यह इस बात की पुष्टि है कि उच्च शिक्षा सिर्फ ज्ञान नहीं, बल्कि जिम्मेदारी, करुणा और पर्यावरण चेतना भी पैदा करती है। आज जब आसनसोल भूजल स्तर में गिरावट, शहरी बाढ़ और पारिस्थितिक क्षरण जैसी समस्याओं से जूझ रहा है, ऐसे में जागरूकता और भागीदारी पर आधारित पहलें और भी जरूरी हो जाती हैं।”
हरित आसनसोल का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने कॉलेज परिसर को हरा-भरा और आसनसोल को स्वस्थ बनाने का संकल्प लिया। कॉलेज प्रशासन ने श्यामल जाना, राजर्षि दास, रोनित बनर्जी और बीगल नेचर क्लब के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
कॉलेज ने संदेश दिया कि हर बड़े पर्यावरण आंदोलन की शुरुआत एक कदम से होती है। आज बनवारीलाल भलोटिया कॉलेज ने गर्व के साथ उस यात्रा में कदम रखा है – पेड़ लगाएंगे, पेड़ बचाएंगे, धरती बचाएंगे।















