“सेवा ही पूजा: पवनपुत्र स्टील में सावन पर 500 श्रमिकों ने खाया खिचड़ी भोग, ‘श्रमिक ही भगवान’ बोले प्रबंधक विनोद केडिया
हर शनिवार 500 श्रमिकों का भंडारा और पौधे लगाने का ऐलान, पर्यावरण और मानवता की मिसाल बनी फैक्ट्री
आसनसोल, 11 जुलाई 2026। सावन के उपलक्ष्य में शनिवार को पवनपुत्र स्टील कारखाना इंसानियत और प्रकृति दोनों की सेवा की मिसाल बन गया। कारखाना परिसर को मंदिर जैसा सजाया गया और 500 से अधिक श्रमिकों को पूरे विधि-विधान से खिचड़ी का भोग कराया गया।
दान, पुण्य और पर्यावरण तीनों का संगम देखते ही बन रहा था। कार्यक्रम में 200 फलदार, फूलदार और छायादार पौधे लगाने का संकल्प भी लिया गया।
“श्रमिक भगवान हैं, हम उनके सेवक हैं” – विनोद केडिया
कारखाना के प्रबंधक विनोद केडिया ने इस मौके पर दिल छू लेने वाला बयान दिया।
उन्होंने कहा,
“जीवन में सच्ची शांति और पुण्य दान-पुण्य से ही मिलता है। मेरा परिवार पीढ़ियों से इसी मार्ग पर चला है और आगे भी चलता रहेगा। हमारे लिए दान-पुण्य करना ही जीवन का सबसे बड़ा धर्म है।”
श्रमिकों के लिए उनका संदेश और भी खास था:
“मैं फैक्ट्री के श्रमिकों को मजदूर नहीं मानता। मेरे लिए ये भगवान का रूप हैं। अगर ये श्रमिक नहीं होते तो हम कुछ भी नहीं होते। इनकी सेवा करना, इनका पेट भरना ही हमारा सबसे पहला फर्ज है। इसी भावना के साथ हम पिछले कई महीनों से हर शनिवार को लगभग 500 श्रमिकों को खिचड़ी का भोग लगवाते हैं।”
पर्यावरण को भी मिला तोहफा
खिचड़ी भोग के साथ-साथ परिसर में बड़े पैमाने पर पौधा रोपण किया गया। प्रबंधन ने ऐलान किया कि आने वाले समय में 200 फलदार और छायादार पौधे लगाकर कारखाने को हरा-भरा बनाया जाएगा।
कौन-कौन रहा मौजूद
इस पुण्य कार्यक्रम में कृष्णा मुखर्जी, प्रमिला सरकार सहित फैक्ट्री के तमाम वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी और श्रमिक बड़ी संख्या में शामिल हुए।
पूरे माहौल में भक्ति, सेवा और संकल्प तीनों की झलक दिखी।















