“कोलकाता का मिड-डे मील ISKCON को देने का प्रस्ताव, कलकत्ता HC ने बंगाल सरकार से मांगा जवाब”
PIL में अंडे हटाने और SHG महिलाओं की नौकरी जाने का जताया गया डर
कोलकाता, 10 जुलाई 2026। कोलकाता के स्कूलों में मिलने वाले मिड-डे मील को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने बुधवार को पश्चिम बंगाल सरकार को निर्देश दिया है कि वो बताए कि क्या वो कोलकाता में मिड-डे मील योजना का काम ISKCON को सौंपने जा रही है या नहीं।
कोर्ट ने इस मामले में सरकार से *एफिडेविट दाखिल* करने को कहा है और अपना आधिकारिक रुख साफ करने का आदेश दिया है।
क्या है पूरा मामला?
एक जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि सरकार कोलकाता में मिड-डे मील की जिम्मेदारी इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस यानी ISKCON को देने की योजना बना रही है।
याचिकाकर्ता का कहना है कि इस बदलाव के बाद मिड-डे मील से अंडे हटा दिए जाएंगे और खाना बनाने का काम कर रहीं सेल्फ-हेल्प ग्रुप की हजारों महिलाओं की नौकरी चली जाएगी।
सरकार का पक्ष
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि अभी इस प्रस्ताव पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
अब हाईकोर्ट ने सरकार से लिखित में जवाब मांग लिया है कि सरकार का इस प्रस्ताव पर क्या स्टैंड है।
मामले की अगली सुनवाई में सरकार को अपना पक्ष रखना होगा।















