Shilpanchal Today

Latest News in Hindi

हार नहीं मानी, इतिहास रचा: नियामतपुर की रेणुका ने पास की दुनिया की सबसे कठिन एक्चुअरी परीक्षा

“आसनसोल का गौरव: डेलॉयट में कार्यरत रेणुका बंसल ने एक्चुअरी बनकर युवाओं को दिया प्रेरणा का संदेश”

आसनसोल/नियामतपुर । 
लगन, धैर्य और 10 साल की मेहनत आखिरकार रंग लाई। नियामतपुर निवासी रेणुका बंसल ने दुनिया की सबसे कठिन पेशेवर परीक्षाओं में शुमार एक्चुअरी (Actuary) की फेलोशिप परीक्षा पास कर न सिर्फ अपना सपना पूरा किया, बल्कि पूरे आसनसोल का नाम भी रोशन किया है।

संघर्ष की कहानी
रेणुका ने 2016 में कोलकाता के सेंट जेवियर्स कॉलेज से बी.कॉम करते समय ही इस परीक्षा की तैयारी शुरू की थी। पढ़ाई के साथ नौकरी और इस कठिन परीक्षा की तैयारी करना आसान नहीं था। रास्ते में कई बार असफलता भी मिली।

सबसे बड़ी चुनौती अंतिम फेलोशिप पेपर बना। इसे पास करने में उन्हें 2 साल और 4 बार प्रयास करना पड़ा। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और 2026 में आखिरकार सफलता हासिल की।

रेणुका ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय मां और परिवार को दिया। उन्होंने कहा, “हर मुश्किल समय में परिवार ने मेरा साथ दिया और हौसला बढ़ाया। उसी वजह से आज मैं यहां तक पहुंच पाई हूं।”

क्या करती हैं एक्चुअरी
एक्चुअरी बीमा कंपनियों के लिए जोखिम का आकलन, प्रीमियम तय करना, ह्यूमन लाइफ वैल्यू और वित्तीय गणनाएं जैसे अहम काम करते हैं। भारत के अलावा यूके, ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में भी इस परीक्षा को दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिना जाता है।

अब क्या है लक्ष्य
फिलहाल रेणुका डेलॉयट यूएसआई में काम कर रही हैं और एक अमेरिकी क्लाइंट के लिए मॉडलिंग डोमेन संभाल रही हैं। उनका लक्ष्य है कि आगे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और बड़े अवसरों के साथ अपने करियर को नई ऊंचाइयों तक ले जाना।

रेणुका की यह सफलता आसनसोल के युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन गई है। उनकी कहानी साबित करती है कि अगर इरादे मजबूत हों तो 10 साल का संघर्ष भी एक दिन जीत में बदल जाता है।

 

  

        

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *