Recent Posts

Shilpanchal Today

Latest News in Hindi

“ईसीएल श्यामसुंदरपुर कोलियरी में 70 साल पुरानी टंकी गिरी, 2 महिला कर्मी घायल; लापरवाही पर भड़के यूनियन नेता, सुरक्षा पर उठे सवाल”

अंडाल । ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) की श्यामसुंदरपुर कोलियरी में बुधवार को एक बड़ा हादसा हो गया। कोलियरी परिसर में स्थित करीब 70 वर्ष पुरानी जर्जर पानी की टंकी अचानक भरभराकर गिर पड़ी। इस दौरान टंकी के पास काम कर रही ईसीएल की 2 महिला कर्मचारी इसकी चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गईं।

हादसे के बाद पूरे कोलियरी क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और दहशत का माहौल बन गया।

कौन हैं घायल, कैसी है हालत
घटना में घायल दोनों महिलाओं की पहचान संगीता देवी और प्रभावती भुइयां के रूप में हुई है। हादसे के तुरंत बाद साथी कर्मियों और सुरक्षा बलों ने दोनों को मलबे से निकालकर इलाज के लिए दुर्गापुर के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया।

अस्पताल सूत्रों के अनुसार दोनों की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है, लेकिन डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।

यूनियन नेताओं ने प्रबंधन पर लगाया लापरवाही का आरोप
घटना की खबर फैलते ही विभिन्न राजनीतिक दलों और ट्रेड यूनियनों के नेता मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर *ईसीएल प्रबंधन की घोर लापरवाही* को हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराया।

नेताओं का कहना है कि टंकी दशकों से जर्जर हालत में थी और कई बार मरम्मत की मांग की गई थी, लेकिन प्रबंधन ने ध्यान नहीं दिया।

क्या है मांग
नेताओं ने प्रबंधन से निम्नलिखित मांगें की हैं:
1. उच्चस्तरीय जांच: पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
2. दोषियों पर कार्रवाई: लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
3. सुरक्षा ऑडिट: कोलियरी क्षेत्र में मौजूद सभी जर्जर भवनों और संरचनाओं का तुरंत सुरक्षा ऑडिट किया जाए।
4. आर्थिक मदद: घायल कर्मियों को बेहतर इलाज, आर्थिक सहायता और उचित मुआवजा दिया जाए।
5. भविष्य में रोकथाम: ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

प्रशासन अलर्ट, प्रबंधन चुप
हादसे के बाद कोलियरी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। बचाव दल और इंजीनियरों की टीम ने आसपास के इलाके का निरीक्षण शुरू कर दिया है।

हालांकि, समाचार लिखे जाने तक ECL प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।

स्थानीय कर्मचारियों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि अगर समय रहते जर्जर संरचनाओं की मरम्मत कर दी जाती तो यह हादसा टल सकता था।

 

 

  

        

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed