“53 दिन, 8 राज्य, हजारों किलोमीटर पैदल: अंडाल के बबन बावड़ी ने पूरी की वैष्णो देवी यात्रा, लौटने पर हुआ भव्य स्वागत”
अंडाल । आस्था, साहस और अटूट संकल्प की एक अनोखी मिसाल पेश करते हुए पश्चिम बर्धमान के अंडाल निवासी बबन बाउरी ने पैदल चलकर मां वैष्णो देवी के दरबार में हाजिरी लगाई और 53 दिन बाद सकुशल घर वापस लौटे।
बुधवार को अंडाल पहुंचने पर श्रद्धालुओं और भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका फूल-मालाओं और जयकारों के साथ जोरदार स्वागत किया।
अंडाल से कटरा तक पैदल का सफर
जानकारी के अनुसार बबन बाउरी ने करीब 2 महीने पहले अंडाल से पैदल यात्रा शुरू की थी। इस दौरान उन्होंने 8 राज्यों से गुजरते हुए हजारों किलोमीटर की कठिन दूरी तय की। रास्ते में धूप, बारिश और तमाम मुश्किलों का सामना करते हुए आखिरकार वे जम्मू-कश्मीर के कटरा स्थित पवित्र वैष्णो देवी धाम पहुंचे और मां के दर्शन कर मनोकामना मांगी।
दर्शन के बाद वे पैदल ही वापस लौटे और बुधवार को अपने गृहनगर अंडाल पहुंचे।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया भव्य स्वागत
अंडाल पहुंचते ही भाजपा मंडल अध्यक्ष इंद्रजीत सेन राय के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने बबन बाउरी का भव्य स्वागत किया। उन्हें फूल-माला पहनाई गई, मिठाई खिलाई गई और “जय माता दी” के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।
इस मौके पर इंद्रजीत सेन राय ने कहा,
_”53 दिन की पैदल यात्रा कोई आसान काम नहीं है। बबन बाउरी ने अपनी आस्था और दृढ़ संकल्प से यह साबित कर दिया कि सच्ची श्रद्धा के आगे कोई भी दूरी बड़ी नहीं होती। उनकी यह यात्रा पूरे हिंदू समाज के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।”
स्थानीय लोगों ने भी की सराहना
बबन बाउरी की इस कठिन यात्रा की खबर पूरे अंडाल क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने भी उनकी आस्था और हिम्मत को सलाम किया। लोगों का कहना है कि आज के समय में जब लोग छोटी-छोटी दूरी के लिए भी साधन ढूंढते हैं, ऐसे में पैदल वैष्णो देवी जाना वाकई प्रेरणादायक है।
बबन बाउरी ने कहा कि मां के आशीर्वाद से ही वे यह कठिन यात्रा पूरी कर पाए और आगे भी वे धर्म और समाज सेवा के काम करते रहेंगे।













