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“बराकर के गौरांग मंदिर में 102 साल पुरानी अनोखी परंपरा: रथयात्रा से 1 दिन पहले हुई भगवान जगन्नाथ की स्नान यात्रा, 120 सामग्रियों से हुआ अभिषेक”

कुल्टी । कुल्टी विधानसभा क्षेत्र स्थित बराकर के प्रसिद्ध श्री श्री गौरांग मंदिर एवं मां अन्नपूर्णा भंडारा मंदिर में बुधवार को भगवान जगन्नाथ की स्नान यात्रा बड़ी धूमधाम और भक्ति भाव के साथ संपन्न हुई।

इस मंदिर की सबसे खास बात यह है कि यहां स्नान यात्रा रथयात्रा से 15 दिन पहले नहीं, बल्कि 1 दिन पहले आयोजित की जाती है। यह अनोखी परंपरा पिछले 102 वर्षों से लगातार चली आ रही है।

दूर-दूर से पहुंचे हजारों श्रद्धालु
सुबह से ही शुरू हुए इस विशेष आयोजन को देखने के लिए आसनसोल, दुर्गापुर, पुरुलिया, कोलकाता और झारखंड के विभिन्न जिलों से हजारों श्रद्धालु मंदिर परिसर पहुंचे। पूरे दिन मंदिर भक्तिमय जयकारों और भक्तों की भीड़ से गुलजार रहा।

120 सामग्रियों से हुआ महाभिषेक
मंदिर के सेवायत हरेकृष्ण बाबा ने बताया कि स्नान यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ का 120 प्रकार की सामग्रियों से अभिषेक किया गया। इसमें सात समुद्रों का जल, विभिन्न तीर्थों की पवित्र मिट्टी, पंचद्रव्य – घी, शहद, दूध, दही, शक्कर सहित अनेक पवित्र वस्तुएं शामिल थीं। अभिषेक के बाद भगवान को रथ पर विराजमान किया गया।

क्या है इस परंपरा का कारण
हरेकृष्ण बाबा ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार स्नान यात्रा के बाद जगन्नाथ मंदिर 15 दिनों तक बंद रखा जाता है। लेकिन इस मंदिर में महाप्रभु, राधा-कृष्ण और मां अन्नपूर्णा सहित अन्य देवी-देवताओं की नित्य पूजा और भोग जारी रहता है।

इसी कारण सीताराम बाबा के आदेश पर यह विशेष परंपरा शुरू की गई थी कि स्नान यात्रा रथयात्रा से एक दिन पहले की जाए। यह परंपरा आज भी उसी श्रद्धा के साथ निभाई जा रही है।

सरकारी सहयोग से और भव्य हुआ आयोजन
हरेकृष्ण बाबा ने कहा कि इस वर्ष राज्य सरकार से आर्थिक सहायता मिलने के कारण उत्सव को और अधिक भव्य रूप से मनाया जा सका। श्रद्धालुओं के प्रेम और सरकारी सहयोग से यह आयोजन और भी सुंदर तरीके से संपन्न हुआ।

श्रद्धालुओं ने कहा कि वे हर साल इस अनोखी स्नान यात्रा के दर्शन के लिए आते हैं। उनका मानना है कि यहां दर्शन करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।

 

 

  

        

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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