आसनसोल की स्नेहा सिन्हा ने ग्रीस में मोहिनीयाट्टम से जीता सबका दिल, UNESCO से जुड़ी संस्था ने किया सम्मानित
आसनसोल। आसनसोल की बेटी ने विदेश की धरती पर देश का परचम लहरा दिया है। संगति सृष्टि नगर की शास्त्रीय नृत्यांगना स्नेहा सिन्हा ने ग्रीस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय नृत्य महोत्सव में अपनी प्रस्तुति से दुनियाभर के दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी इस उपलब्धि से पूरे आसनसोल में गर्व और खुशी का माहौल है।
एथेंस में गूंजी भारतीय शास्त्रीय कला
यह अंतरराष्ट्रीय मंच 4th वर्ल्ड फेस्टिवल ऑफ इंडियन डांस का था, जिसका आयोजन 15 जुलाई 2026 को ग्रीस की राजधानी एथेंस के डोरा स्ट्राटू डांस थिएटर में किया गया।
इस प्रतिष्ठित मंच पर स्नेहा ने मोहिनीयाट्टम की बेहद मनमोहक प्रस्तुति दी। उनकी भावपूर्ण अदाएं और शास्त्रीय मुद्राओं ने भारतीय संस्कृति की समृद्धि को दुनिया के सामने रखा।
UNESCO से जुड़ी संस्था ने किया सम्मानित
इस महोत्सव का आयोजन UNESCO से संबद्ध इंटरनेशनल डांस काउंसिल CID द्वारा किया गया था।
कार्यक्रम के दौरान CID के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. अल्किस राफ्टिस ने स्नेहा सिन्हा को मंच पर सम्मानित किया। उन्हें CID का आधिकारिक पहचान पत्र और प्रकाशन सामग्री भी भेंट की गई।
विद्यार्थियों के लिए खुला वैश्विक मंच
स्नेहा के लिए यह सम्मान दोहरी खुशी लेकर आया। CID से जुड़ने के बाद अब वे अपने विद्यार्थियों को भी इंटरनेशनल डांस काउंसिल के वैश्विक मंच पर प्रस्तुति देने का अवसर दिला सकेंगी। यह उनके गुरु, शिष्यों और पूरे आसनसोल के लिए गर्व की बात है।
“यह सिर्फ मेरी नहीं, देश की उपलब्धि है”
सम्मान मिलने के बाद स्नेहा सिन्हा ने कहा, _”यह मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। यह सिर्फ मेरे लिए नहीं, बल्कि मेरे शहर और पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। मैं इसे एक जिम्मेदारी मानती हूं और आगे भी भारतीय कला को विश्व स्तर पर ले जाने का प्रयास करूंगी।”_
क्यों खास है यह उपलब्धि?
– अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत और बंगाल की संस्कृति का प्रतिनिधित्व
– मोहिनीयाट्टम जैसी प्राचीन कला को वैश्विक पहचान
– UNESCO से जुड़ी संस्था द्वारा सम्मान
– आने वाली पीढ़ी के कलाकारों के लिए नए रास्ते खुले
निष्कर्ष:
स्नेहा सिन्हा ने साबित कर दिया कि मेहनत और लगन से छोटे शहर की बेटियां भी विश्व मंच पर अपनी पहचान बना सकती हैं। उनकी यह सफलता न सिर्फ आसनसोल बल्कि पूरे देश के युवा कलाकारों के लिए प्रेरणा है।















