“आलू ₹3 किलो बेचने को मजबूर किसान, आत्महत्या की नौबत: आसनसोल के व्यवसायी सुरेन जालान ने CM को लिखा पत्र, ₹400 प्रति पैकेट में खरीद की मांग”
आसनसोल । पश्चिम बंगाल में इस साल आलू की बंपर पैदावार किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। लागत भी नहीं निकल पाने की वजह से किसान बदहाली के कगार पर पहुंच गए हैं। इसी दर्द को लेकर आसनसोल के प्रसिद्ध व्यवसायी सुरेन जालान ने मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री और कोल्ड स्टोरेज मंत्री को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
लागत ₹8, बिक रहा ₹3-₹4 में
सुरेन जालान ने पत्र में लिखा कि इस वर्ष आलू का उत्पादन बहुत अधिक होने के कारण बाजार में दाम गिरकर जमीन पर आ गया है। किसान को जो आलू ₹8 प्रति किलो की लागत में पड़ रहा है, उसे वह ₹4 में भी बेचने को मजबूर है।
कोल्ड स्टोरेज में स्थिति और भी खराब है। आज की तारीख में 50 किलो के एक पैकेट का भाव सिर्फ ₹150 है। यानी 2 पैकेट = ₹300, यानी ₹3 प्रति किलो। इस भाव में किसान की लागत का आधा भी नहीं निकल रहा।
कौन-कौन से जिले के किसान प्रभावित
पत्र में कहा गया है कि इस संकट से सबसे ज्यादा मिदनापुर, आरामबाग, हुगली, वर्धमान और कुछ हद तक मालदा जिले के किसान भाई प्रभावित हैं। हजारों परिवार जो पीढ़ियों से आलू की खेती करते आ रहे हैं, आज कर्ज और घाटे में डूबे हैं।
सरकार से की ये ठोस मांग
सुरेन जालान ने सरकार से सविनय निवेदन करते हुए कहा कि अगर अभी ठोस कदम नहीं उठाए गए तो किसान आत्महत्या करने को मजबूर होंगे और आने वाले सालों में आलू की खेती कौन करेगा?
उन्होंने मांग की कि सरकार तुरंत न्यूनतम ₹400 प्रति पैकेट 50 किलो के हिसाब से किसानों से सीधे बॉन्ड पेपर पर आलू खरीदने की व्यवस्था करे। इससे किसानों को कम से कम लागत मूल्य तो मिल सकेगा।
“किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर न करें”
पत्र में सुरेन जालान ने कहा, “माननीय मुख्यमंत्री जी, यह सही दिशा होगी कि आप कृषि मंत्री और कोल्ड स्टोरेज मंत्री के साथ मिलकर ऐसी नीति बनाएं जिससे किसान को उसकी मेहनत का उचित दाम मिले। किसानों को आत्महत्या की ओर धकेलना किसी भी सरकार के लिए ठीक नहीं है।”
व्यवसायी ने उम्मीद जताई कि सरकार किसानों की इस पीड़ा को समझेगी और जल्द राहत पैकेज की घोषणा करेगी।














