“आसनसोल से शुरू हुई जनगणना 2027, अभिनव साव बने ब्रांड एंबेसडर, मंत्री अजय पोद्दार बोले – ‘सही आंकड़े से गरीबों तक पहुंचेगी योजना'”
आसनसोल । पश्चिम बंगाल में जनगणना 2027 की प्रक्रिया आज से शुरू हो गई। पूरे प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से होने वाली इस जनगणना को अगले साल तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
पश्चिम बर्धमान जिला शासक कार्यालय, आसनसोल में जिला शासक एस. पोन्नबलम के नेतृत्व में इस राष्ट्रीय अभियान का शुभारंभ हुआ।
जागरूकता टैबलो को दिखाई हरी झंडी
शुभारंभ के साथ ही एक विशेष जागरूकता टैबलो को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह टैबलो जिले के विभिन्न इलाकों में जाकर लोगों को जनगणना और सेल्फ-एन्यूमरेशन के बारे में जागरूक करेगा।
टैबलो को जिला शासक एस. पोन्नबलम, आसनसोल के युवा निशानेबाज अभिनव साव, बाराबनी के विधायक अरिजीत राय और पश्चिम बर्धमान जिला परिषद के अध्यक्ष विश्वनाथ बाउरी ने संयुक्त रूप से रवाना किया।

अभिनव साव हुए सम्मानित
इस मौके पर जिला शासक एस पन्नोबालम ने अभिनव साव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निशानेबाजी में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए सम्मानित भी किया। जिला शासक ने कहा कि अभिनव ने आसनसोल और पूरे देश का नाम विश्वभर में रोशन किया है। इस अवसर पर अभिनव के माता-पिता भी उपस्थित रहे। केक काटकर जनगणना प्रक्रिया की विधिवत शुरुआत की गई।
कैसे होगी जनगणना – सेल्फ-एन्यूमरेशन पर जोर
जिला शासक ने बताया कि एन्यूमैरेटर घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे। साथ ही नागरिक सरकार के पोर्टल पर खुद से भी जानकारी अपलोड कर सकते हैं।
प्रक्रिया बेहद सरल है। पोर्टल पर जानकारी भरने के बाद आपको एक 11 अंकों का आईडी नंबर मिलेगा। जब एन्यूमैरेटर आपके घर आएंगे तो यह आईडी बताने पर उन्हें आपकी सारी जानकारी सरकारी पोर्टल पर मिल जाएगी। इससे समय की बचत होगी और डेटा ज्यादा पारदर्शी होगा।
कार्यक्रम में अभिनव साव और विधायक अरिजीत राय का सेल्फ-एन्यूमरेशन करवाकर इस प्रक्रिया की शुरुआत भी की गई।
मंत्री अजय पोद्दार ने कहा – ‘पारदर्शी जनगणना से गरीबों को मिलेगा लाभ’
इस मौके पर पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री डॉ. अजय पोद्दार भी जिला शासक कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पूरे कार्य का जायजा लिया।
पत्रकारों से बात करते हुए डॉ. पोद्दार ने कहा कि वामपंथियों के शासनकाल के बाद राज्य में अब जनगणना हो रही है। उन्होंने कहा, “सरकारी योजनाओं को सही लाभार्थी तक पहुंचाने के लिए सही आंकड़े जरूरी हैं। पहले आंकड़े सही न होने से कई योजनाएं गरीबों तक नहीं पहुंच पाती थीं। अब इस वैज्ञानिक और पारदर्शी जनगणना से ऐसा नहीं होगा।”
मंत्री ने लोगों से अपील की कि आने वाले समय में जब जातिगत जनगणना होगी तो अपनी जाति की सही जानकारी दें, ताकि सरकार की जातिगत योजनाओं का लाभ सभी को समान रूप से मिल सके।














