“चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स में हड़कंप: वर्क्स ऑफिस में घुसा संदिग्ध युवक, Dy. CME के चैंबर तक पहुंचा, RPF ने घंटों की पूछताछ”
चित्तरंजन । देश के सबसे महत्वपूर्ण रेल कारखाने चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स (चिरेका) की सुरक्षा में बड़ी चूक का मामला सामने आया है। मंगलवार को वर्क्स ऑफिस के अंदर एक बाहरी व्यक्ति के संदिग्ध अवस्था में घूमने से पूरे परिसर में हड़कंप मच गया।
मिली जानकारी के अनुसार, संदिग्ध की पहचान अमित दास के रूप में हुई है, जो खुद को एक निजी एजेंसी से जुड़ा बता रहा था।
Dy. CME के चैंबर तक कैसे पहुंचा?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि बाहरी व्यक्ति डिप्टी CME (प्लांट) के चैंबर तक कैसे पहुंच गया? बताया जा रहा है कि जब कर्मचारी ने उसे ऑफिस के अंदर घूमते देखा तो उस पर शक हुआ और तुरंत RPF को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही RPF की टीम मौके पर पहुंची और उसे हिरासत में ले लिया।
मोबाइल फोन खंगाला, घंटों हुई पूछताछ
सूत्रों के मुताबिक RPF ने संदिग्ध को हिरासत में लेकर कई घंटों तक कड़ी पूछताछ की और उसके मोबाइल फोन की भी जांच की। हालांकि, शुरुआती जांच में उसके पास से कोई भी गोपनीय या संवेदनशील दस्तावेज नहीं मिला है।
पूछताछ के बाद RPF ने उसे कड़ी चेतावनी देकर छोड़ दिया।
सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल
इस घटना के बाद चिरेका जैसे हाई-सिक्योरिटी जोन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बिना परमिशन के कोई भी निजी व्यक्ति अगर सीनियर अफसर के चैंबर तक पहुंच सकता है तो यह बड़ी लापरवाही है।
फिलहाल इसे जासूसी का मामला कहना जल्दबाजी होगी, क्योंकि RPF ने अभी तक इस संबंध में कोई FIR दर्ज नहीं की है और न ही कोई आधिकारिक बयान जारी किया है।
अब देखना होगा कि चिरेका प्रशासन इस मामले पर क्या सफाई देता है और भविष्य में ऐसी चूक रोकने के लिए क्या कदम उठाता है।














