बंगाल में जय श्रीराम की गूंज! लिलुआ में धीरेंद्र शास्त्री की हनुमंत कथा में पहुंचे मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, बागेश्वर सरकार से की आत्मीय भेंट
हावड़ा। पश्चिम बंगाल की धरती पर पहली बार सनातन का ऐसा महासंगम देखने को मिल रहा है। पूज्य बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी की *श्री हनुमंत कथा* का भव्य आयोजन लिलुआ वर्कशॉप ग्राउंड में शुरू हो चुका है। 4 से 6 सितंबर तक चलने वाली इस कथा को लेकर पूरे बंगाल के सनातन समाज में जबरदस्त उत्साह है।
इसी बीच कथा स्थल से आई सबसे बड़ी तस्वीर ने पूरे बंगाल की राजनीति में हलचल मचा दी है।
कथा मंच पर पहुंचे मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी
कथा के प्रथम दिन पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी स्वयं कथा स्थल पर पहुंचे। उन्होंने मंच पर जाकर पूज्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज का स्वागत किया, उनका सम्मान किया और उनसे आत्मीय भेंट की। मुख्यमंत्री ने व्यासपीठ को प्रणाम कर हनुमंत कथा का श्रवण किया और आशीर्वाद लिया
इस दौरान दोनों के बीच बेहद सहज और आत्मीय बातचीत हुई। मुख्यमंत्री ने पूज्य सरकार को सम्मान स्वरूप भेंट भी प्रदान की। इस मुलाकात की तस्वीरें और वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं और JaiShriRam ट्रेंड करने लगा है।
बदलते बंगाल की नई तस्वीर
कभी जिस बंगाल में जय श्रीराम के नारे और हिंदू कथाओं को लेकर विवाद खड़े किए जाते थे, आज उसी बंगाल में भाजपा सरकार के आने के बाद बागेश्वर धाम सरकार की कथा का इतने विशाल स्तर पर आयोजन हो रहा है। हजारों की संख्या में श्रद्धालु लिलुआ ग्राउंड में पहुंच रहे हैं और पूरा पंडाल जय श्रीराम और जय बजरंगबली के जयकारों से गूंज रहा है।
मुख्यमंत्री का खुद चलकर कथा में आना समर्थकों द्वारा बंगाल में “सनातन के खुले उत्सव”के दौर की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यह दृश्य बंगाल की बदलती सांस्कृतिक और राजनीतिक तस्वीर का सबसे बड़ा प्रमाण है, जहां अब आस्था को खुलकर मनाया जा रहा है।














