रानीगंज में नकली तेल के बड़े रैकेट का भंडाफोड़! घर की अलमारी में छिपा रखे थे Fortune, Saffola जैसे ब्रांडों के लेबल, फूड विभाग की छापेमारी से मचा हड़कंप
रानीगंज । अगर आप भी ब्रांड देखकर महंगा खाद्य तेल खरीदते हैं तो यह खबर आपके लिए है। रानीगंज में खाद्य तेल में मिलावट के एक बड़े संदिग्ध रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। शुक्रवार को State Food Department, Enforcement Branch (EB) और Metrology Department की संयुक्त टीम ने शहर में ताबड़तोड़ छापेमारी की, जिसमें शारदा पल्ली इलाके में एक घर से नामी-गिरामी कंपनियों के हजारों नकली लेबल, ढक्कन और टिन* बरामद हुए हैं।
पेड़ा से शुरू हुई जांच, तेल माफिया तक पहुंची
प्रशासन ने इस अभियान की शुरुआत रानीगंज थाने के सामने स्थित पेड़ा-बतासा की दुकानों से की। यहां रंगों और साफ-सफाई की जांच हुई। इसके बाद टीम ने एक मसाला दुकान पर छापा मारा जहां संदिग्ध साबुत हल्दी मिली। दुकानदार से उसके स्रोत के कागजात मांगे गए हैं।
इसके बाद टीम शिशुबगान कलाली गली स्थित एक चनाचूर फैक्ट्री पहुंची, जहाँ साफ-सफाई में कमी मिलने पर संचालक को कड़ी चेतावनी दी गई।
शारदा पल्ली में खुला काला कारोबार का राज
असली कार्रवाई तो शारदा पल्ली में हुई। गुप्त सूचना के आधार पर टीम कथित तेल सप्लायर *उत्पल गोराई के घर* पहुंची। घर की तलाशी में जो नजारा दिखा, अधिकारियों के भी होश उड़ गए।
अलमारी और बोरियों में छिपाकर रखे गए थे –
– फॉर्च्यून, सफोला जैसी बड़ी कंपनियों के हूबहू नकली लेबल
– सील करने वाले कैप और स्टिकर
– खाली ब्रांडेड तेल के टिन
अधिकारियों को आशंका है कि सस्ता और मिलावटी तेल लाकर इन ब्रांडेड टिनों में पैक करके बाजार में असली के दाम पर बेचा जाता था।
कंपनियों ने कहा – हमारी इजाजत नहीं ली
मौके पर ही जिन ब्रांडों के लेबल मिले, उनके प्रतिनिधियों को बुलाया गया। उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने उत्पल गोराई को लेबल इस्तेमाल करने की कोई अनुमति नहीं दी है। कंपनियां इस मामले में अलग से कानूनी शिकायत दर्ज कराने वाली हैं।
Food Safety Officer ने क्या कहा?
इस पूरे मामले पर Food Safety Officer अजय भंडारी ने बताया, _”हमने मौके से खाद्य तेल और पैकेजिंग सामग्री के कई सैंपल लिए हैं और उन्हें जब्त कर लिया है। तेल में मिलावट है या नहीं, इसकी पुष्टि लैब रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। मिलावट के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।”
सबसे बड़ा सवाल: आम जनता कैसे पहचाने असली-नकली?
जब पैकेजिंग, लेबल और सील सब कुछ असली जैसा हो तो एक आम उपभोक्ता कैसे पहचानेगा कि वह जो तेल हजार रुपये देकर ला रहा है, वो असली है या मिलावटी? प्रशासन की इस कार्रवाई ने पूरे आसनसोल बाजार में दहशत फैला दी है।














