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कोयला खदानों में अब नंबर से तय होगी सुरक्षा! DGMS लाया नया Safety Rating सिस्टम, लापरवाह खदानों पर कसेगा शिकंजा

आसनसोल/धनबाद | शिल्पांचल टुडे विशेष
आकाश सिंह
देश की खदानों में होने वाले हादसों को रोकने के लिए खान सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS), धनबाद ने एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। अब खदानों की सुरक्षा हवा-हवाई बातों से नहीं, बल्कि पूरे डेटा और नंबरों से तय होगी।

DGMS ने खदानों के लिए तीन नए रेटिंग सिस्टम का प्रस्ताव रखा है –

1. NRRI (National Risk Rating Index) – खदान में कितना जोखिम है
2. NCRI (National Compliance Rating Index) – खदान सुरक्षा के नियमों का कितना पालन कर रही है
3. OMSR (Overall Mine Safety Rating) – खदान की कुल सुरक्षा रेटिंग क्या है

कैसे मिलेंगे नंबर?

इस नई व्यवस्था में हर खदान को कई पैमानों पर परखा जाएगा। जैसे –
– खदान की जमीन कैसी है और कितना गहरा जोखिम है
– उत्पादन कितना है और किस तकनीक (Mining Method) से खुदाई हो रही है
– पिछले 5 साल में कितने हादसे हुए हैं
– इमरजेंसी से निपटने की तैयारी कैसी है
– मजदूरों को ट्रेनिंग मिली है या नहीं
– सुरक्षा के नियमों का पालन हो रहा है या नहीं

जो खदान ज्यादा जोखिम वाली होगी या जहां नियमों का पालन कम होगा, उस पर DGMS की नजर और भी तेज हो जाएगी। ऐसी खदानों का बार-बार निरीक्षण होगा।

आसनसोल-रानीगंज कोयलांचल के लिए क्यों है यह जरूरी?

यह फैसला आसनसोल-पश्चिम बर्दवान और रानीगंज कोयलांचल के लिए सबसे ज्यादा अहम है। यहां ECL की सैकड़ों छोटी-बड़ी कोयला खदानें हैं। कई खदानें बहुत पुरानी हैं, कई जगह अवैध खनन और धंसान की खबरें भी आती रहती हैं। ऐसे में यह नया
Risk-Based Inspection सिस्टम यहां के हजारों कोयला मजदूरों की जान बचाने में मील का पत्थर साबित हो सकता है।

DGMS ने साफ कर दिया है कि निरीक्षण के दौरान अगर कोई भी गंभीर लापरवाही या सुरक्षा में चूक मिली, तो तुरंत सुधार नोटिस दिया जाएगा, खदान का काम रोका जा सकता है और लाइसेंस तक रद्द करने की कार्रवाई हो सकती है।

बड़ा सवाल यही है कि जब यह नई रेटिंग आएगी, तो आसनसोल-रानीगंज की कितनी खदानें पास होंगी और कितनी फेल?

 

 

  

        

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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