“पूजा पंडाल की पवित्रता बनाए रखें” – बागेश्वर बाबा की अपील पर बंगाल में सियासी और सांस्कृतिक बहस तेज
हावड़ा | शिल्पांचल टुडे
हावड़ा में चल रही हनुमंत कथा के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने दुर्गापूजा को लेकर एक बड़ी अपील की है, जिसके बाद बंगाल में नई बहस छिड़ गई है।
क्या कहा बागेश्वर बाबा ने?
कथा के दौरान बागेश्वर बाबा ने कहा कि दुर्गापूजा के दौरान पूजा पंडालों और देवी प्रतिमाओं के आसपास मांस-मछली की बिक्री और सेवन से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह किसी के खान-पान पर पाबंदी नहीं, बल्कि पूजा स्थल के आसपास का धार्मिक वातावरण और पवित्रता बनाए रखने और लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के सम्मान से जुड़ा विषय है।
बंगाल में दो तरह की प्रतिक्रिया
उनकी इस अपील के बाद बंगाल में चर्चा तेज हो गई है।
समर्थकों का तर्क है कि यह अपील बिल्कुल जायज है। जैसे मंदिर, मस्जिद या किसी भी धार्मिक स्थल के पास पवित्रता का ध्यान रखा जाता है, वैसे ही दुर्गा पूजा पंडाल के पास भी मर्यादा बनाए रखना आस्था का सम्मान है।
वहीं दूसरे पक्ष का कहना है कि बंगाल की दुर्गापूजा की अपनी एक अलग सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा रही है। यहां मां दुर्गा को शक्ति के रूप में पूजा जाता है और बंगाल की पूजा परंपरा को स्थानीय मान्यताओं और संस्कृति के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।
फिलहाल यह मामला आस्था, परंपरा और सार्वजनिक स्थानों पर मर्यादा को लेकर एक बड़ी बहस का रूप ले चुका है।














