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महाअष्टमी पर विशेष: पंडित हेमंत मिश्रा से जानें माता महागौरी की पूजा विधि, कन्या पूजन और संधि काल का महत्व

शिल्पांचल टुडे, आसनसोल।

शक्ति की उपासना का पावन पर्व
शरदीय नवरात्रि का आठवां दिन महाअष्टमी के नाम से जाना जाता है। हिंदू धर्म में इस तिथि का अत्यधिक धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। यह दिन माँ दुर्गा के आठवें स्वरूप माता महागौरी को समर्पित है, साथ ही यह कन्या पूजन और संधि पूजन का भी प्रमुख अवसर होता है।
माता महागौरी का स्वरूप और महत्व

नामकरण: देवी के वर्ण (रंग) अत्यंत गौर (सफेद) होने के कारण इन्हें ‘महागौरी’ कहा जाता है। इनकी तुलना शंख, चंद्र और कुंद के फूल से की जाती है। इनके सभी आभूषण और वस्त्र भी श्वेत हैं, जो पवित्रता और शांति के प्रतीक हैं।

वाहन: माता महागौरी वृषभ (बैलों) पर विराजमान हैं, इसलिए इन्हें ‘वृषारूढ़ा’ भी कहा जाता है।

अस्त्र-शस्त्र: इनके चार हाथ हैं। ऊपर वाला दाहिना हाथ अभय मुद्रा में है और नीचे वाले दाहिने हाथ में त्रिशूल है। ऊपर वाले बाएं हाथ में डमरू और नीचे वाला बायां हाथ वर मुद्रा में सुशोभित है।
फल: माता महागौरी की उपासना करने से भक्तों के सभी पाप धुल जाते हैं, जीवन में सुख-शांति आती है और असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं।
महाअष्टमी की प्रमुख परंपराएं और अनुष्ठान

कन्या पूजन (कंजिका पूजन):
महाअष्टमी या महानवमी के दिन कन्या पूजन का विशेष विधान है। इस दिन 2 वर्ष से 10 वर्ष तक की कन्याओं को माँ दुर्गा का रूप मानकर उनके चरण धोए जाते हैं, उन्हें आसन पर बैठाकर हलवा, पूरी और चने का प्रसाद खिलाया जाता है और उपहार या दक्षिणा देकर उनका आशीर्वाद लिया जाता है।
संधि पूजन:
अष्टमी तिथि के अंतिम 24 मिनट और नवमी तिथि के शुरुआती 24 मिनट के मिलने वाले समय को ‘संधि काल’ कहा जाता है। यह समय माँ चामुंडा की पूजा और होम-हवन के लिए अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है। इसी काल में माँ ने चण्ड और मुण्ड असुरों का वध किया था।

अस्त्र-शस्त्र और वाहन पूजा (आयुध पूजा):
कई परंपराओं में इस दिन शस्त्रों, औजारों, बही-खातों और वाहनों की भी पूजा की जाती है, जो कर्म और कला के प्रति समर्पण का भाव दर्शाती है।

महाअष्टमी का मंत्र
माँ महागौरी के इस सरल मंत्र का जाप करने से मानसिक शांति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है:
“ॐ देवी महागौर्यै नमः”
प्रार्थना मंत्र:
श्वेते वृषेसमारूढा
श्वेताम्बरधरा सुचि:
महाशुभदद्यां महदेवा
प्रमोदकृत् महागौरी
ददाम्युत्तमम्॥

माँ महागौरी के इस सरल मंत्र का जाप करने से मानसिक शांति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है:
ओम गौरी गोरआए नमः

आज के इस पावन दिन पर माँ महागौरी आपके जीवन में सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करें, यही कामना है।

पंडित हेमंत मिश्रा
ज्योतिषाचार्य (MAJY)
❤️ जय बजरंगबली 🙏🏻
Mb 9332449502

 

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